बूंदी: एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को लाखेरी एसडीएम कार्यालय के कोर्ट रीडर करण सिंह और संविदाकर्मी महेश योगी को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. आरोपियों ने यह रकम सरकारी काम का निपटारा कराने के बदले मांगी थी. एसीबी के डीएसपी हरीश भारती ने बताया कि लबान निवासी परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कोर्ट रीडर उससे उसका काम आगे बढ़ाने और निर्णय में मदद के बदले 50 हजार रुपए की मांग कर रहा था. शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने ट्रैप वेरिफिकेशन कर आरोप की पुष्टि की. इसके बाद डीएसपी ज्ञानचंद मीणा और हरीश भारती की अगुवाई में टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई.
उन्होंने बताया कि ट्रैप की प्लानिंग के तहत तय समय पर शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर आरोपियों के पास पहुंचा. जैसे ही रीडर करण सिंह ने 35 हजार रुपए स्वीकार किए, एसीबी टीम ने छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया. एसीबी ने आरोपी के कक्ष को सील कर तलाशी शुरू की. दस्तावेजों, लंबित फाइलों और रिश्वत की रकम को जब्त किया गया. बंद कमरे में चल रही पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं और अधिकारी या दलाल भी इस मामले में शामिल तो नहीं.
इस कार्रवाई में डीएसपी ज्ञानचंद मीणा, हरीश भारती और सादे कपड़ों में तैनात जवान शामिल रहे. टीम ने सुबह से ही सतर्कता बरतते हुए योजनाबद्ध तरीके से आरोपियों को घेर लिया. बता दें कि कोर्ट रीडर करण सिंह पर पहले भी फाइलें लंबित रखने और रिश्वत लेने के आरोप लग चुके हैं.एसीबी की ओर से आरोपियों के औपचारिक बयान लिए जा रहे हैं. उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा.




















