बालोतरा : जोधपुर की फैक्ट्रियों के रासायनिक एवं दूषित पानी का बहाव बढ़ने चलते जिले के कल्याणपुर पंचायत समिति के ग्राम पंचायत अराबा दुदावतांके ग्राम विकास अधिकारी ने सोमवार को क्षेत्र के राजस्व ग्राम अराबा पुरोहितान के लिए आम सूचना जारी की है. उन्होंने ग्रामीणों को घर खाली करके सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए, जिसके बाद से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है. ग्राम विकास अधिकारी भीमाराम देवपाल के मुताबिक जोधपुर से आ रहे रासायनिक पानी का बहाव तेज हुआ है. इससे घरों में पानी घुसने लगा है. उच्चाधिकारियों के मौखिक आदेश पर ग्रामीणों को घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने की सूचना जारी की गई.
जिले के कल्याणपुर पंचायत समिति के ग्राम पंचायत अराबा दुदावतां के ग्राम विकास अधिकारी ने सोमवार को क्षेत्र के राजस्व ग्राम अराबा पुरोहितान को खाली करने की आम सूचना जारी की. इसमें बताया गया है कि जोधपुर से आ रहे रासायनिक पानी का बहाव तेज होने के कारण राजस्व ग्राम अराबा पुरोहितान में पानी भरने की संभावना है. ग्रामीणों को अपने घरों को खाली करने और अपना कीमती सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है.
ग्राम पंचायत अराबा दुदावतां ने 5 सुरक्षित स्थानों का चयन किया है, जहां ग्रामीण जा सकते हैं. इन स्थानों में ग्राम पंचायत भवन, राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अराबा, सार्व सभा भवन अखाराम नाई के घर के पास अराबा दुदावता और सर्व सभा भवन माजीसा माता मंदिर अराबा दुदावतम शामिल हैं. सूचना में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि ग्रामीण खाली नहीं करते हैं तो उनकी जिम्मेदारी स्वयं की होगी.
बता दें कि बालोतरा जिले के ग्राम पंचायत अराबा दुदावतां के राजस्व गांव अराबा पुरोहितान के 50 घरों में करीब 300 की आबादी निवास करती है. गांव के तीनों तरफ प्रदूषित पानी का भराव हो गया है. ऐसे में प्रशासन की हिदायत के बाद ग्रामीण सरकारी भवनों व अपने खेतों में शिफ्ट हो रहे हैं, लेकिन राशन सामग्री, खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर, बर्तन, बिस्तर लेकर अचानक घर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट होना बड़ी परेशानी बन गया है.
जोधपुर क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकलने वाला रासायनिक और दूषित पानी बालोतरा जिले के अरब डोली सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है. यह समस्या एक-दो दिन की नहीं बल्कि पिछले कई सालों से चली आ रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि इसके खिलाफ कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है.




















