जयपुर: मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार मानसून ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है, जिसके कारण राज्य में बारिश का दौर धीमा पड़ गया है. इस बदलाव से मानसून कमजोर हो गया है और आगामी दो से तीन दिन राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में अगले चार-पांच दिनों तक केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की बरसात हो सकती है. अधिकतर इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग ने 7 और 8 अगस्त को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई है, जिसके चलते 7 अगस्त को भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली और जयपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.
प्रदेश में फिर से बढ़ी उमस और गर्मी : मानसून की सुस्ती के कारण राजस्थान में एक बार फिर उमस और गर्मी बढ़ गई है. सोमवार को कई इलाकों में बादल छाए रहे, लेकिन केवल कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई. बीते 24 घंटों में प्रदेश में सर्वाधिक बारिश कोटा जिले के दीगोद में 25 मिमी दर्ज की गई. इसके अलावा लाडपुरा में 15 मिमी, प्रतापगढ़ में 5 मिमी, उदयपुर के लसाड़िया में 4 मिमी, डूंगरपुर के साबला में 3 मिमी, बांसवाड़ा के जगपुरा में 4 मिमी और बारां के अटरू में 5 मिमी बारिश दर्ज की गई.
तापमान में मामूली गिरावट : राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे या उसके बराबर दर्ज किया गया. जयपुर में अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से क्रमशः 0.3 और 0.5 डिग्री कम है. अजमेर में अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री, बीकानेर में 35.6 डिग्री, कोटा में 33 डिग्री, जोधपुर में 34.1 डिग्री और उदयपुर में 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. फतेहपुर में 3.3 मिमी और सीकर में 2.2 मिमी बारिश दर्ज हुई.
बीसलपुर बांध में पानी की आवक घटी : बरसात धीमी होने से बांधों में पानी की आवक भी प्रभावित हुई है. पिछले 24 घंटों में प्रदेश का कोई भी बांध लबालब नहीं हुआ. बीसलपुर बांध का केवल एक गेट (गेट-10) खोलकर 1,500 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. बांध में पानी की आवक नहीं होने के कारण किसी भी समय गेट बंद किया जा सकता है.
जुलाई में पानी निकासी का रिकॉर्ड : बीसलपुर बांध ने इस बार जुलाई महीने में पानी निकासी का नया रिकॉर्ड बनाया है. 21 साल में पहली बार जुलाई में सबसे अधिक पानी की निकासी की गई है. बांध से जुलाई में ही 21 टीएमसी पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा गया, जबकि इस मानसून सीजन में अब तक कुल 24 टीएमसी पानी की निकासी हो चुकी है. इसमें से दो साल की पेयजल आपूर्ति के बराबर पानी पहले ही छोड़ा जा चुका है.
पार्वती बांध के 4 गेट खोले : धौलपुर जिले के सबसे बड़े पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में जोरदार बारिश होने की वजह से जल संसाधन विभाग ने सोमवार रात्रि को बांध के चार गेट खोलकर 4400 क्यूसेक पानी रिलीज किया है. जिला प्रशासन ने पार्वती नदी के तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है. लोगों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी गई है.सहायक अभियंता जल संसाधन विभाग पपेंद्र मीणा ने बताया डाग क्षेत्र एवं पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में जोरदार बारिश हुई है. बांध में पानी की आवक अधिक होने की वजह से 4 गेट 2 फीट खोलकर 4400 क्यूसेक पानी रिलीज किया है. उन्होंने बताया बांध की भराव क्षमता 223.41 मीटर है, जबकि गेज लेवल 223.05 मीटर तक पहुंच चुका है. गेज मेंटेन करने के लिए 41 सेंटीमीटर बांध को खाली रखा गया है.
उन्होंने बताया जिस अनुपात में बारिश हो रही है, उसके अनुरूप आगामी समय में और गेट खोले जा सकते हैं. इसके अलावा उर्मिला सागर भी ओवरफ्लो हो चुका है. पार्वती बांध का पानी नदी में रिलीज किए जाने से जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है. नदी के तटीय क्षेत्र में संबंधित हल्का पटवारी गिरदावर एवं सरपंच को निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. जिला कलेक्टर श्री निधि बीटी एवं पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की है.




















