जयपुर: राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हुई. तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. कई स्थानों पर जानमाल की हानि और फसलों का नुकसान देखने को मिला. मौसम विभाग के जयपुर केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को राज्य में अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा, कुछ स्थानों पर अति भारी वर्षा और कहीं कहीं अत्यंत भारी वर्षा दर्ज की गई.
राज्य में सर्वाधिक वर्षा नैनवा (बूंदी) में 234.0 मिमी दर्ज की गई. राज्य में अधिकतम तापमान जैसलमेर में 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सिरोही में 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को जोधपुर, अजमेर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में अतिभारी बारिश की संभावना है, जबकि अन्य जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा. पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार के बाद बारिश का दौर हल्का पड़ सकता है.
यहां जमकर बरसे मेघ: राजस्थान के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है. खासकर पूर्वी राजस्थान के जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश बूंदी जिले के नैंनवा में सर्वाधिक 23 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है. इसके अलावा मांगलियावास (अजमेर) में 19 सेमी, नसीराबाद (अजमेर) में 18 सेमी, प्रतापगढ़ में 16 सेमी, और पीसांगन (अजमेर) में 15 सेमी वर्षा दर्ज की गई. अजमेर, बूंदी, टोंक, कोटा, भरतपुर, सवाईमाधोपुर, और बारां जैसे जिलों में भी अच्छी बारिश हुई. इसके अलावा, अलवर , झालावाड़ , बूंदी , धौलपुर , उदयपुर , राजसमंद और बांसवाड़ा में कई स्थानों पर 1 सेमी से 14 सेमी तक वर्षा दर्ज की गई. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी अच्छी वर्षा हुई है. जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ में 23 सेमी, जोधपुर के बासनी में 13 सेमी, पाली के रोहट में 11 सेमी और बाड़मेर के बायतू में 10 सेमी बारिश हुई. साथ ही नागौर, बीकानेर, सिरोही, जालौर और चूरू जिलों में भी बारिश दर्ज की गई है.
6 जिलों में अलर्ट के बाद स्कूल बंद: बंगाल की खाड़ी से आए डिप्रेशन सिस्टम की राजस्थान में एंट्री हो गई. इसके साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया. शुक्रवार को बूंदी, अजमेर, राजसमंद, पाली, कोटा, प्रतापगढ़, जोधपुर, धौलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश हुई. शनिवार को भी 6 जिलों जोधपुर, नागौर, पाली, अजमेर, सिरोही, जालोर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इधर, 8 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. इस बीच 6 जिलों कोटा, बारां, झालावाड़, अजमेर, बूंदी और राजसमंद में स्कूलों की छुट्टी है.
झालावाड़ में पुलिया पर फंसा ट्रक: जिले के अकलेरा स्टेट हाइवे पर स्थित पुलिया पर शुक्रवार को पानी के तेज बहाव में ट्रक फंस गया. चालक ने समय रहते कूदकर जान बचाई. घटना खोखेड़ा गांव के पास की है.
अजमेर में झील ओवरफ्लो, युवक बहा पानी में: अजमेर में आना सागर झील ओवरफ्लो हो गई है. झील का पानी आसपास के रिहायशी इलाकों में फैलने लगा, जिससे स्थानीय निवासियों ने बोरी डालकर पानी रोकने का प्रयास शुरू कर दिया है. नगर निगम के मुख्य अभियंता विनोद मनोहर ने बताया कि झील की एस्केप चैनल से निकासी की जा रही है, जिससे जलभराव की स्थिति बनी हुई है. उन्होंने बताया कि चैनल के गेट को लगभग 30 इंच तक खोला गया है और जरूरत पड़ी तो इसे कम भी किया जाएगा. बीते 24 घंटे में क्षेत्र में करीब 8 से 9 इंच बारिश दर्ज की गई है. इस बीच, एक युवक तेज बहाव में बह गया, जिसकी तलाश जारी है.
पीसांगन की सागरमती नदी उफान पर: अजमेर के पीसांगन क्षेत्र में भारी बारिश के चलते सागरमती नदी में तेज उफान आ गया. इसके चलते पुष्कर-नागौर मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया. कई यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. गोविंदगढ़ बांध की चादर ने विकराल रूप ले लिया. दो फीट की ऊंचाई तक बह रही चादर से पानी लूणी नदी में पहुंच रहा है. यह नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े. प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है.
पाली में तेज बारिश, सड़कों पर भरा पानी: पाली शहर में मंगलवार को जोरदार बारिश हुई, जिससे शहर के कई निचले इलाकों की सड़कों पर जलभराव हो गया. पानी भरने से आमजन को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. नगर परिषद की टीम पानी की निकासी के लिए मौके पर जुटी है. मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में और बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है.
यपुर में लगातार बारिश से जलभराव: राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम से ही बारिश का दौर जारी है. यह शनिवार सुबह तक भी थमा नहीं है. कहीं रिमझिम, तो कहीं तेज बारिश हो रही है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया है.
जालोर और सिरोही में भी झमाझम: जालोर जिले के आहोर सहित आसपास के गांवों की सड़कों पर पानी भर गया. खेतों में लगातार बारिश से पानी जमा हो गया है और अंकुरित फसलें डूबने से भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है. पिछले 10 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश अब भी जारी है. सिरोही जिले के सिरोही शहर, आबूरोड, माउंट आबू, पिण्डवाड़ा सहित सभी इलाकों में हल्की से लेकर तेज बारिश हुई. वासा और वालोरिया बांध पर पानी की चादर चल रही है. हिल स्टेशन माउंट आबू में मौसम सुहाना हो गया है. बीते 24 घंटे में जिले में सबसे ज्यादा बारिश शिवगंज में 50 मिमी दर्ज की गई, जबकि माउंट आबू और रेवदर में 30 मिमी, आबूरोड में 16 मिमी, पिण्डवाड़ा में 42 मिमी व सिरोही में 13 मिमी बारिश दर्ज की गई. पिण्डवाड़ा उपखण्ड के वालोरिया और वासा बांध पर लगातार चादर चल रही है.
बीसलपुर बांध में बढ़ी पानी की आवक: बांध का गेज बढ़कर 314.51 RL मीटर हो गया है. त्रिवेणी नदी का गेज 3.60 मीटर है और बांध में कुल भराव क्षमता का 82.19% पानी आ चुका है. बीसलपुर बांध में बीते 24 घंटे में 110 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है.यह बांध टोंक, जयपुर और अजमेर की लाइफलाइन माना जाता है और एक करोड़ से अधिक लोगों की प्यास बुझाता है.
करौली के पांचना बांध से जल निकासी जारी: पांचना बांध के दो गेट बंद कर दिए गए हैं. दो गेटों से 450 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. वर्तमान में जलस्तर 257.90 मीटर है. रात से बारिश थमने के बाद बांध में इनफ्लो कम हुआ है, लेकिन अभी भी 600 क्यूसेक पानी आ रहा है. रात 1 बजे से चार गेटों से 2700 क्यूसेक जल निकासी की जा रही थी.
धौलपुर में पार्वती बांध के 10 गेट खोले गए: पार्वती नदी में पानी की आवक बढ़ने के कारण भूतेश्वर में नदी उफान पर है. स्टेट हाईवे पर भूतेश्वर पुल पर पानी की चादर चल रही है. बाड़ी-बसेड़ी मार्ग बंद कर दिया गया है. दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई.
जवाई बांध में 1.40 फीट पानी की आवक: पाली जिले के सुमेरपुर के जवाई बांध का गेज शनिवार सुबह तक 26.40 फीट तक पहुंच गया. जवाई नहर खंड के अधिशासी अभियंता राज भवरायत ने बताया कि बांध के कैचमेंट एरिया में 40 मिमी और सुमेरपुर क्षेत्र में 21 मिमी बारिश दर्ज की गई. तखतगढ़ में 38 मिमी बारिश हुई. बांध में 1653.20 एमसीएफटी पानी मौजूद है.
सवाई माधोपुर के बौंली में 55 मिमी बारिश: क्षेत्र में औसतन 600 मिमी बारिश होती है, जबकि अब तक 642 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है. लगातार बारिश के चलते गोठड़ा का कच्चा बांध टूट गया. पानी बहने से बड़ा हादसा टल गया. लाखनपुर रोड पर एक घंटे तक यातायात बाधित रहा. खरीला और नागोलाव बांध भी भरने की कगार पर है.




















