जयपुर शहर से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. एक पिता पर अपनी ही दो नाबालिग बेटियों के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है. इस मामले में सदर थाना पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की सक्रियता के कारण इस घिनौने अपराध का खुलासा हो सका.
मामला तब सामने आया जब दोनों नाबालिग बच्चियों को पेट में दर्द की शिकायत के बाद उनकी मां उन्हें डॉक्टर के पास लेकर गई. मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टर को दुष्कर्म के स्पष्ट संकेत मिले, जिसके बाद उन्होंने तुरंत एक स्थानीय एनजीओ को इसकी सूचना दी. एनजीओ ने बिना देरी किए सदर थाना पुलिस से संपर्क किया और दोनों बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण की जानकारी दी. इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की.
पिता करता था रेप
जानकारी के मुताबिक़, नाबालिगों का रेप उसका पिता करता था. बच्चियों की मां को इसकी जानकारी थी. लेकिन समाज में बदनामी और पति द्वारा छोड़ दिए जाने के भय से वो चुप थी. जयपुर के डीसीपी (वेस्ट) अमित बुडानिया के निर्देशन में चित्रकूट थाना प्रभारी (एसएचओ) अंतिम शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लिया. पीड़ित बच्चियों और उनकी मां की काउंसलिंग की गई, जिसमें हिडन कैमरे के जरिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई ताकि पारदर्शिता बनी रहे. काउंसलिंग के दौरान बच्चियों ने अपने साथ हुए अत्याचार की दर्दनाक कहानी बयां की. उनकी मां ने बताया कि वह सामाजिक बदनामी, आर्थिक तंगी और पति के डर के कारण अब तक चुप थी और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करने की हिम्मत नहीं जुटाई थी.
गिरफ्तार हुआ हैवान
काउंसलिंग के बाद, चित्रकूट एसएचओ अंतिम शर्मा की ओर से सदर थाने में भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(एम) (दुष्कर्म), 351(4) (घर में अनधिकार प्रवेश) और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पॉक्सो) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई. इसके बाद पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया.




















