बाड़मेर: अलवर जिले के राजगढ़ में एक स्कूल ऐसा है, जिसके चार में से दो कमरे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं. बचे दो में से एक में स्कूल का ऑफिस व पुस्तकालय के साथ पहली से पांचवीं तक के बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाया जाता है. दूसरे कमरे में 5वीं से 8वीं के विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से अध्ययन कराया जाता है. खास बात है कि इनमें एक कमरे का फर्श धंस गया व स्कूल भवन के पीछे खाई होने से पूरे भवन में सीलन आ रही है. इसके चलते तेज बारिश के दौरान यह भवन भरभराकर गिर सकता है और झालावाड़ जैसी घटना की आशंका है. शिक्षा विभाग प्रशासन इससे वाकिफ है. स्कूल के प्रधानाध्यापक एसडीएम, सीबीईओ व नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी को पत्र भेजकर स्कूल भवन की जर्जर हालत से अवगत करा चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक सुध नहीं ली.
राजगढ़ के बस स्टैंड सड़क मार्ग पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर 2 संचालित है. स्कूल के प्रधानाध्यापक नरेश कुमार सैनी ने बताया कि इस विद्यालय में आठवीं तक कुल 57 विद्यार्थी हैं. विद्यालय में कुल 4 कमरे हैं. दो कमरे पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. शेष दो कमरों में से एक कमरे की जमीन धंस चुकी है. एक कमरे में ऑफिस, पुस्तकालय के साथ कक्षा 1 से 5 वीं तक के विद्यार्थी तथा दूसरे कमरे में कक्षा 6 से 8 वीं के विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से अध्ययन करवाया जाता है. स्कूल के कमरों के क्षतिग्रस्त होने का मुख्य कारण विद्यालय भवन के पीछे पुरानी खाई का होना है. खाई में पानी भरा होने से कमरों में सीलन रहती है. इस कारण स्कूल के दो कमरे पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गए. कमरों के अलावा विद्यालय की चारदीवारी टूट चुकी है. प्रशासन ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके कमरे में चुनाव के समय मतदान केन्द्र भी बनाया था.
स्कूल भवन दे रहा हादसे को निमंत्रण: राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर 2 का भवन क्षतिग्रस्त होने से बच्चों पर खतरा मंडरा रहा है. प्रधानाध्यापक नरेशचंद सैनी स्कूल भवन की जर्जर हालत के बारे में एसडीएम, सीबीईओ व नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी को पत्र लिख चुके हैं. इसके बाद भी प्रशासन ने स्कूल भवन की मरम्मत की सुध नहीं ली. जिले में बारिश का दौर जारी है. तेज बारिश होने पर स्कूल के जर्जर हाल कमरे कभी भी गिर सकते हैं. वैसे हर बार बारिश के दौरान प्रशासन जर्जर हाल भवनों को खाली करा उनकी मरम्मत के निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन राजगढ़ कस्बे की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर 2 की सुध नहीं ली गई. राजगढ़ के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लीलावती मीना ने बताया कि झालावाड़ की घटना को देखते सभी संस्था प्रधानों को आदेश दिया कि जर्जर भवनों में विद्यार्थियों को नहीं बिठाएं. जर्जर स्कूल भवनों की एसडीएमसी व भामाशाह की सहायता से शीघ्र मरम्मत कराएं.
अब कलक्टर ने दिए निर्देश: जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने संबंधित अधिकारियों को जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में समस्त विद्यालयों, कॉलेजों व आंगनबाड़ी केंद्रों एवं जर्जर मकानों का सघन सर्वे कर क्षतिग्रस्त व जीर्ण-शीर्ण भवनों को चिन्हित करने व उनको तत्काल वैकल्पिक स्थानों पर शिफ्ट कराने के निर्देश दिए.
विधायक भाटी ने शिक्षा मंत्री को भेजी 155 जर्जर स्कूलों की सूची: इधर, झालावाड़ हादसे के बाद बाड़मेर जिले के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने जर्जर स्कूलों की मरम्मत की मांग उठाई. भाटी ने झालावाड़ हादसे पर दुख जताया और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को पत्र लिखकर जर्जर स्कूलों की मरम्मत की मांग की. भाटी ने क्षेत्र के 155 जर्जर विद्यालयों की सूची संलग्न की. विधायक भाटी ने शिक्षा मंत्री दिलावर को लिखे पत्र में कहा कि झालावाड़ में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में जर्जर भवनों की तत्काल मरम्मत जरूरी है. उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों की स्थिति का जिक्र किया व कहा कि कई विद्यालय भवन अत्यंत जर्जर हैं. इससे वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है. भाटी ने 155 सरकारी स्कूलों की जर्जर भवनों की सूची भी पत्र के साथ संलग्न की. इसके अतिरिक्त कई अन्य विद्यालयों के भवन भी पुराने होने के कारण जर्जर हैं, जिनकी सूची जल्द भेजी जाएगी.




















