बाड़मेर: जिले के महाबार गांव में बीते दिनों हुई फायरिंग की घटना के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया. तीन अन्य आरोपी नामजद हैं. इस मामले को छुपाने वाले ड्यूटी ऑफिसर एएसआई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को तलाश कर रही है.
सदर थाना पुलिस के अनुसार 24 जुलाई की रात को महाबार में फायरिंग हुई. सूचना पर ड्यूटी ऑफिसर एएसआई तगाराम मौके पर पहुंचे. उन्होंने कंट्रोल रूम को फायरिंग की सूचना नहीं दी. एएसआई ने ऐसी कोई घटना होने से इनकार कर दिया. पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि 25 जुलाई की सुबह घटना की सूचना मिली तो डीएसटी को मौके पर भेजा. पड़ताल में फायरिंग की घटना होना सही पाया गया.
परिवादी और आरोपी हार्डकोर अपराधी: एसपी मीना ने बताया कि परिवादी और आरोपी दोनों हार्डकोर अपराधी हैं. परिवादी 24 जुलाई देर रात रानीगांव से पार्टी कर जा रहे थे, जबकि दूसरी ओर फॉरच्यूनर में सवार गाड़ी रोककर रास्ते में पार्टी कर रहे थे. ऐसे में दोनों पार्टियों को शक हुआ कि पुलिस टीम तो नहीं आ गई है. इसके चलते फायरिंग की घटना की गई. पुलिस ने घटनास्थल से गोलियों के दो खोल बरामद किए. मामले का खुलासा करने को अलग-अलग टीमें बनाई. टीमों ने छानबीन व तकनीकी व सूचना के आधार पर संदिग्ध बदमाशों की जानकारी जुटाई. इसके बाद डुगेरों का तला निवासी ओमप्रकाश जाट को गिरफ्तार कर पूछताछ की. उसने महाबार फायरिंग में शामिल होना स्वीकार किया. पूछताछ में मुख्य आरोपी स्वरूप उर्फ स्वरूपाराम निवासी बानो की बेरी, नरपत कुमार निवासी सुरते की बेरी व एक बदमाश भी शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही है.
एएसआई पर कार्रवाई: एसपी ने बताया कि सदर थाने के ड्यूटी अधिकारी एएसआई तगाराम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे, लेकिन ना तो कंट्रोल रूम को सूचना दी और इस तरह की घटना होने से भी इनकार कर दिया. उन्होंने बताया कि एएसआई ने घटना को हल्के में लिया. अगले दिन सुबह सूचना पर डीएसटी को मौके पर भेजा तो पता चला कि फायरिंग की घटना हुई है. ऐसे में एएसआई के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी.




















