जयपुर: राजस्थान में मानसून मेहरबान है. प्रदेश के कई इलाके मानसून की बारिश से तरबतर हैं. प्रदेश के बांधों में पानी की आवक लगातार जारी है और कई नदी-नाले उफान पर हैं. इस बीच भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात में आमजन को बचाने के लिए राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) ने भी कमर कस ली है. एसडीआरएफ की 57 विशेष रेस्क्यू टीमों को आपदा राहत उपकरणों से लैस कर राज्य के 32 संभावित बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है. यह टीमें जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर जलभराव और बाढ़ जैसे हालात वाले इलाकों में बचाव एवं राहत कार्यों में जुटी हैं.
एसडीआरएफ की भूमिका और रिकॉर्ड: राज्य आपदा प्रतिसाद बल (एसडीआरएफ) के कमांडेंट राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि मानसून के दौरान अत्यधिक बारिश से जलभराव, नदियों और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. ऐसे में एसडीआरएफ की टीमें लोगों को बचाने और फंसे हुए नागरिकों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ का आदर्श वाक्य ‘आपदा सेवार्थ कटिबद्धता’ है, जिसे उनकी टीमें पूरी तरह से चरितार्थ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से 2024 तक एसडीआरएफ ने विभिन्न बाढ़ आपदाओं के दौरान कुल 424 रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक चलाए हैं, जिनमें 12,995 लोगों की जान बचाई गई है.
हालिया रेस्क्यू ऑपरेशन
- अजमेर के आदर्श नगर में जलभराव होने पर एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और 176 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
- टोंक जिले के लांबा हरिसिंह में सहोदरा नदी उफान पर आने से फंसे पांच लोगों को एसडीआरएफ ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
- बीकानेर में इंदिरा गांधी नहर में डूबे युवक का शव एसडीआरएफ ने बरामद किया.
- ब्यावर के केसरपुरा गांव में बरसाती नाले में बहे युवक के शव को एसडीआरएफ ने निकाला.
- करौली में गंभीरी नदी में बहे पिता-पुत्र की तलाश में एसडीआरएफ ने 40 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. दोनों के शव मिले.
सात साल में हजारों लोगों की बचाई जान
- जयपुर स्थित ए कंपनी ने 22 रेस्क्यू ऑपरेशन कर 754 लोगों को बचाया.
- कोटा स्थित बी कंपनी ने 146 ऑपरेशन में 6218 लोगों तक मदद पहुंचाई.
- भरतपुर स्थित सी कंपनी ने 55 ऑपरेशन में 2646 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला.
- उदयपुर स्थित डी कंपनी ने 13 ऑपरेशन कर 106 लोगों की जान बचाई.
- अजमेर स्थित ई कंपनी ने 50 ऑपरेशन चलाकर 406 लोगों तक मदद पहुंचाई.
- जोधपुर स्थित एफ कंपनी ने 65 ऑपरेशन कर 643 लोगों को राहत पहुंचाई.
- बीकानेर स्थित जी कंपनी ने 43 ऑपरेशन कर 612 लोगों की जान बचाई.
- जयपुर स्थित एच कंपनी ने 30 ऑपरेशन कर 1610 लोगों तक मदद पहुंचाई है.
आधुनिक उपकरण से लैस प्रशिक्षित टीमें: इस बार मानसून राजस्थान में करीब एक सप्ताह पहले सक्रिय हुआ था. जून से राज्य में मानसून की सक्रियता के मद्देनजर एसडीआरएफ की सभी कंपनियों से कुल 57 रेस्क्यू टीमों का गठन किया गया है. इन टीमों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है और वे अत्याधुनिक आपदा राहत उपकरणों से सुसज्जित हैं. कमांडेंट सिसोदिया ने सभी रेस्क्यू टीमों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का सख्ती से पालन करने, पूर्ण कौशल और क्षमता के साथ बचाव कार्य करने और नागरिकों के जीवन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं.
कहां तैनात की गई कितनी टीमें: उन्होंने बताया कि जयपुर ग्रामीण में चार, जयपुर आयुक्तालय में तीन, अलवर-दौसा में एक-एक, कोटा शहर, बारां और झालावाड़ में दो-दो, भरतपुर में चार, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, टोंक, बीकानेर और बांसवाड़ा में दो-दो, अजमेर व जोधपुर में तीन-तीन टीमों को तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ का उद्देश्य आपदा के समय तत्काल मदद पहुंचाना और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उनका जीवन बचाना है.




















