जयपुर: राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा हो रही है. मौसम विभाग ने 18 और 19 जुलाई के लिए प्रदेश के अनेक जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है. वहीं बीसलपुर बांध में लगातार पानी की आवक हो रही है.
सबसे अधिक असर पूर्वी राजस्थान पर: मौसम विभाग के अनुसार, 18 जुलाई को मानसूनी तंत्र का सर्वाधिक प्रभाव पूर्वी राजस्थान पर रहने वाला है. इस दिन कोटा, अजमेर और जोधपुर संभाग के कई हिस्सों में भारी, अति भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है. जयपुर, उदयपुर और भरतपुर संभाग में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार बने हुए हैं.
इन इलाकों में रहेगा अलर्ट: 18 और 19 जुलाई 2025 के पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के जिलों के लिए मौसम विभाग की ओर से चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान कुछ क्षेत्रों में अति भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है. विभाग के अनुसार 18 जुलाई को कोटा, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, बूंदी और पाली जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग ने बारां, झालावाड़, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर, नागौर और सिरोही जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में भारी वर्षा, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग के मुताबिक जिन जिलों में आज येलो अलर्ट रहेगा, उनमें बांसवाड़ा, डूंगरपुर, दौसा, जयपुर, सीकर, करौली, जालौर और जोधपुर शामिल हैं. यहां भारी वर्षा की संभावना है. मौसम विभाग ने कल भी प्रदेश के चार जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है.
पूर्वी हिस्सों में अधिक सक्रिय रहेगा मानसून: राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता अगले एक सप्ताह तक बनी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार 19 जुलाई को पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर और जयपुर संभागों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है. वहीं, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
20 जुलाई से बारिश में थोड़ी राहत की उम्मीद: मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार 20 जुलाई से बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की संभावना है. 20 से 23 जुलाई तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं ही बारिश हो सकती है. हालांकि जयपुर, कोटा, भरतपुर और अजमेर में बादलों की सक्रियता बनी रह सकती है. जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है
हिंडोली के बड़ा नयागांव में जलभराव: बूंदी जिले के हिंडोली क्षेत्र के बड़ा नयागांव में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है. NH-52 के पास चौराहे पर नाला अवरुद्ध होने से गांव और खेतों में पानी भर गया. रायथल ग्राम पंचायत के गांव पिपलिया के स्कूल में भी बारिश का पानी घुस गया. कोटा जिले के कई इलाकों में भी जलभराव की समस्या सामने आई है. मंत्री मदन दिलावर ने सुकेत और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया.
बीसलपुर बांध में तेजी से बढ़ा जलस्तर: जयपुर, अजमेर और टोंक जिलों की लाइफलाइन माने जाने वाले बीसलपुर बांध में लगातार पानी की आवक हो रही है. शुक्रवार सुबह बांध प्रबंधन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बांध का जलस्तर 314.32 मीटर तक पहुंच गया है. इस समय बांध में 30.497 टीएमसी (78.77%) पानी संग्रहित है. बांध की कुल भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है. वहीं त्रिवेणी नदी 2.90 मीटर की ऊचाई पर बह रही है.
जलभराव से परेशानी: कुचामनसिटी के पास सांभर झील किनारे बसे खाखड़की गांव में इन दिनों भारी जलभराव से हालात बिगड़ गए हैं. गांव की सड़कों पर 2-3 फीट तक पानी भर गया है जिससे आसपास के गांवों और शहर से कनेक्टिविटी टूट चुकी है. स्कूल जाने वाले बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घरों में कैद हैं. पंचायत की गलियां कीचड़ से भरी हैं और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. प्रशासन की ओर से जेसीबी से पानी निकालने की कोशिश हो रही है, लेकिन राहत नाकाफी है. झाझडों की ढाणी, जाल्या की ढाणी और सिनोदिया मार्ग भी जलभराव से बंद हैं. माताजी मंदिर जाने वाला मुख्य मार्ग भी भारी बारिश में कट चुका है. ग्रामीणों ने जिम्मेदारों की अनदेखी को स्थिति के लिए दोषी ठहराया है.




















