जयपुर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से 2021 में आयोजित की गई राजस्थान पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती पेपर लीक केस की सुनवाई आज भी हाई कोर्ट की जयपुर पीठ में जारी रही. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के महा अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद से पूछा कि इस मामले में वर्तमान परिस्थितियां बेहद गंभीर है. लेकिन सब कमेटी की रिपोर्ट जांच जारी रखने की बात कह रही है. सरकार इस मामले में भर्ती रद्द करने को लेकर फैसला नहीं ले पाई है. इस पर महा अधिवक्ता ने कहा कि सरकार वर्तमान स्थिति में भर्ती रद्द नहीं करना चाहती और जांच के निर्णय को लेकर कोई भी भविष्यवाणी नहीं कर सकती. आज की स्थिति में जांच जारी है. आज की तारीख में सरकार भर्ती रद्द नहीं करेगी. सुनवाई आज भी पूरी नहीं हो पाई. यह कल भी जारी रहेगी.
पेपर लीक के बहुचर्चित इस केस की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ में चल रही है. सुनवाई के दौरान भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ वकील आरएन माथुर ने पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि सरकार के अतिरिक्त हलफनामे से यह तय हो जाता है कि SI भर्ती मामले में जांच एजेंसी की जांच अब भी जारी है. भर्ती को प्रभावित करने वाले आरोपियों को अलग करने की प्रक्रिया भी चल रही है. इस स्टेज पर भर्ती को रद्द करना पात्र और योग्य ट्रेनी SI के साथ अन्याय होगा.
सुनवाई कल भी जारी रहेगी
चयनित अभ्यर्थियों के वकील ने कहा कि SI भर्ती मामले में जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट दे दी है. रिपोर्ट के अनुसार भी भर्ती रद्द करने की आवश्यकता नहीं है. वहीं इसके लिए गठित सरकार की सब कमेटी ने भी अपनी अनुशंसा में भर्ती रद्द नहीं करने कि बात कही है. उन्होंने कहा कि मामले में पेपर लीक में शामिल होने वालों का डाटा भी एक बड़ा तथ्य है कि इसमें कुछ लोगों की ओर से गलत कार्य किया गया है. लेकिन इससे संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित नहीं माना जा सकता है. आज आरएन माथुर ने अपनी बहस पूरी कर ली. अब अन्य ट्रेनी SI की ओर से वरिष्ठ वकील एके शर्मा शुक्रवार को कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे. कल सुनवाई दोपहर 3 बजे होगी.
दो आईएएस अधिकारी रिकॉर्ड लेकर पहुंचे हाईकोर्ट
इससे पहले हाईकोर्ट की डिमांड के अनुसार गृह विभाग के अधिकारी IAS राकेश राजौरिया और IAS महेंद्र खींची भर्ती से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड लेकर हाईकोर्ट पहुंचे. राकेश राजौरिया गृह विभाग में विशिष्ट शासन सचिव हैं वहीं महेंद्र खींची भी फिलहाल गृह विभाग में ही कार्यरत हैं. इस मामले में की यह अंतिम सुनवाई बीते तीन दिनों से चल रहा है. सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी है. खासकर भर्ती में चयनित थानेदारों की. दूसरी तरफ इस मामले को कोर्ट से बाहर सियासत भी जमकर हो रही है.




















