बूंदी/झालावाड़ : जिले के डाबी थाना क्षेत्र में बड़ा हादसा टल गया, जब अंबेरानी मंदिर दर्शन को आए तीन युवक अचानक बारिश के बाद आए तेज पानी के बहाव में फंस गए. समय रहते डाबी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला. जानकारी के अनुसार, कोटा जिले के केशवपुरा निवासी तीन युवक चौथमल पुत्र रामलाल भील, चिन्टु पुत्र जगदीश प्रसाद शर्मा और सुखपाल पुत्र जेठाराम गुर्जर बुधवार को बूंदी के डाबी क्षेत्र स्थित अंबेरानी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे.
दर्शन के दौरान ही अचानक मौसम बदला और पहाड़ी खाल में तेज बारिश के चलते पानी का बहाव खतरनाक स्तर तक बढ़ गया. तीनों युवक पानी में फंस गए और बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया. फंसे युवकों ने तत्काल बूंदी पुलिस कंट्रोल रूम में 100 नंबर पर कॉल कर मदद मांगी. सूचना मिलते ही डाबी थाना प्रभारी हेमराज शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बिना देर किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. अपनी जान की परवाह किए बिना पुलिसकर्मियों ने बहाव के बीच फंसे युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला.
पुलिस की मुस्तैदी से बची तीन जिंदगियां : रेस्क्यू किए गए युवकों ने भावुक होते हुए बताया कि तेज बहाव लगातार बढ़ता जा रहा था और वे तीनों बेहद डर गए थे. “हमने 100 नंबर पर कॉल किया, और कुछ ही मिनटों में पुलिस वहां पहुंच गई. अगर पुलिस कुछ देर और करती, तो शायद हमारी जान नहीं बचती.” युवकों ने पुलिस को बताया कि मौसम साफ था. लेकिन बाद में अचानक से मौसम ने करवट बदली और बारिश शुरू हो गई. देखते ही देखते बारिश तेज हो गई. पहाड़ी का पानी सिमट कर अंबे रानी मंदिर के नाले में आ गया. कुछ ही देर में पानी ने विकराल रूप ले लिया. युवकों ने बताया कि पानी की भयावता को देख उन्हें सामने मौत खड़ी नजर आ रही थी. इसी बीच उन्होंने 100 डायल कर पुलिस कंट्रोल रूम से मदद मांगी. उन्होंने बताया कि वह पानी के तेज बहाव में फंसे हैं. उन्हें यहां से निकालने में मदद की जाए. इसी बीच पुलिस कंट्रोल रूम से डाबी थाना पुलिस को सूचना मिलते ही थाना प्रभारी हेमराज शर्मा अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और तीनों युवकों को पानी से बाहर निकाल थाने लेकर पहुंचे.
सावधानी की अपील : डाबी थाना प्रभारी हेमराज शर्मा ने कहा, “जैसे ही सूचना मिली, हम तुरंत मौके पर पहुंचे. जान का जोखिम था, लेकिन उस समय हमारा फर्ज और इंसानियत दोनों हमसे यही मांग कर रहे थे कि तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकालें. थाना प्रभारी ने बताया कि जब रेस्क्यू के लिए पहुंचे तो तीनों युवक पानी के बीच घिरे हुए थे. पुलिस जवानों ने बहादुरी और समझदारी के साथ एक एक कर तीनों युवकों को पानी के तेज बहाव से निकाल बाहर लेकर आए. युवक घबराए और सहमे हुए थे. पानी का भयानक मंजर उनकी आंखों के सामने आ रहा था. वह पुलिस से बार बार वहीं जिक्र करते रहे को आज तो भगवान के रूप में पुलिस ने उन्हें बचा लिया. पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अंबेरानी मंदिर जैसे जल भराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें. मौसम साफ होने तक यात्रा टालें.
सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तीनों युवक तेज बहाव में फंसे हुए थे। रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि कोई अनहोनी नहीं हुई। बरसात के मौसम में लोगों से अपील है कि इस तरह के जोखिम भरे स्थानों पर न जाएं.– हेमराज शर्मा, थाना प्रभारी, डाबी (बूंदी)
झालावाड़ में बरसाती नाले में फंसी कार : इधर, झालावाड़ के सरोला थाना क्षेत्र के बोरखेड़ी गांव में ड्राइवर की लापरवाही से शिक्षिका और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की जान संकट में पड़ गई. दरअसल, बोरखेड़ी गांव में स्कूल की छुट्टी के बाद सरकारी स्कूल की शिक्षिका विद्यारानी भारती और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भावना मीणा अपनी कार में सवार होकर घर लौट रही थीं. इसी दौरान, गांव के बाहर बहने वाले बरसाती नाले में बारिश के कारण पानी का बहाव तेज हो गया. इसके बावजूद, ड्राइवर ने लापरवाही से कार को नाले में उतार दिया.
कुछ ही देर में नाले का पानी बढ़ने लगा और कार उसमें फंस गई. पानी का जलस्तर बढ़ने से कार धीरे-धीरे डूबने लगी. इसके बाद कार में फंसे लोगों ने तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी. तत्परता से ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नाले में कूदकर ड्राइवर सहित दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला. थाना प्रभारी दौलत राम ने बताया कि “यह घटना बोरखेड़ी गांव के नाले में हुई, जहां बारिश के चलते पानी का उफान आ गया था. ड्राइवर ने बिना सोचे-समझे कार नाले में उतार दी. जैसे ही पानी बढ़ने लगा, कार रास्ते में बंद हो गई और तीनों लोग उसमें फंस गए.




















