बाड़मेर : जैसलमेर के बासनपीर में बीते दिनों हुए घटनाक्रम के बाद, बायतु विधायक हरीश चौधरी शनिवार सुबह बाड़मेर सर्किट हाउस से ‘थार की अपणायत’ का संदेश लेकर जैसलमेर के लिए रवाना हुए. इस काफिले में बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल सहित कई कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे.
विधायक हरीश चौधरी ने बताया कि उनका उद्देश्य ‘थार की अपणायत’ के लिए मोहब्बत का पैगाम लेकर बासनपीर जाना है. बासनपीर घटनाक्रम को लेकर पोकरण विधायक महंत प्रतापपूरी महाराज और अन्य की ओर से की गई बातों का थार की अपनायत में कोई स्थान नहीं है. चौधरी ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य ‘थार की अपणायत’ और सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है.
इस बीच, जैसलमेर प्रशासन ने बासनपीर में धारा 163 लागू कर दी है. हरीश चौधरी की यात्रा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और बाड़मेर-जैसलमेर बॉर्डर पर अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है. राम धुन और सर्वधर्म प्रार्थना कार्यक्रम की अनुमति के सवाल पर चौधरी ने बताया कि बासनपीर के लिए अनुमति नहीं मिली है, क्योंकि वहां धारा 163 लागू है, लेकिन जैसलमेर मुख्यालय पर जाने के लिए परमिशन की आवश्यकता नहीं है. बाड़मेर-जैसलमेर सीमा पर नाकाबंदी के बारे में उन्होंने कहा कि पुलिस का काम नाकाबंदी करना है और वे संविधान में विश्वास रखने वाले लोग हैं. हम सभी पर ‘थार की अपणायत’ और सामाजिक सौहार्द की परंपरा को जीवित रखने की जिम्मेदारी है.
गौरतलब है कि पिछले दिनों जैसलमेर के बासनपीर गांव में हुए छतरियों के विवाद मामले में आज बायतु विधायक हरीश चौधरी ओर जैसलमेर-बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल व पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी के साथ जैसलमेर के लिए रवाना हुए हैं. विधायक हरीश चौधरी ने बासनपीर में गांधी राम धुन एवं सर्व धर्म प्रार्थना के आयोजन के लिए जैसलमेर प्रशासन से इजाजत मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने उनको परमिशन नहीं दी. वहीं, पुलिस ने जैसलमेर-बाड़मेर बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है. बॉर्डर पर सड़क मार्ग पर बैरिकेड लगाए गए हैं. हर गाड़ी को चेक करने के बाद ही जैसलमेर जिले में प्रवेश दिया जा रहा है.




















