जयपुर: राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली. मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के 9 जिलों में बारिश को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया. बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत दबाव वाले सिस्टम के चलते अगले तीन दिन राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग ने अजमेर, नागौर और टोंक जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया, जहां मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. वहीं, झालावाड़, चूरू, झुंझुनू, सीकर, भीलवाड़ा, पाली, बूंदी, जयपुर (ग्रामीण और शहरी), बारां, कोटा, सवाई माधोपुर, दौसा, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया. इन जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है.
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर: मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर सिस्टम अब डिप्रेशन में बदल चुका है. इस सिस्टम का असर राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी जिलों पर पड़ने की आशंका है. इसी को देखते हुए अगले तीन दिन के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और ओडिशा-झारखंड से होते हुए राजस्थान की ओर बढ़ रहा है. इसका असर खासतौर पर 27 से 29 जुलाई के बीच कोटा और उदयपुर संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा.
बरसात के आंकड़े: बीते 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान में मेघगर्जन के साथ कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. कहीं-कहीं पर भारी से अतिभारी वर्षा हुई. पश्चिमी राजस्थान में मेघगर्जन के साथ कहीं कहीं पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. राज्य में सर्वाधिक वर्षा दौसा में 158.0 मिमी दर्ज की गई, जबकि अधिकतम तापमान बीकानेर में 39.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
कई जिलों में मूसलाधार: राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय हुआ. पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई. दौसा के बासवा में सर्वाधिक 16 सेमी, बयाना (भरतपुर) में 10 सेमी, चाकसू और बसवा (जयपुर) में 8 सेमी और आंता (बारां), उदयपुरवाटी (झुंझुनू) और समरथपुरा (सवाई माधोपुर) में 8 सेमी बारिश हुई. भरतपुर, दौसा, जयपुर, अलवर, टोंक, कोटा, बूंदी, बारां, भीलवाड़ा और सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में 2 से 7 सेमी तक वर्षा दर्ज की गई. वहीं, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश हुई. मकराना व डीडवाना में 6-6 सेमी और परसरामपुरा में 4 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई. श्रीगंगानगर, जैसलमेर और बीकानेर के कुछ क्षेत्रों में 1 सेमी या इससे कम वर्षा हुई. मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
जयपुर में रातभर बारिश, उमस से राहत: राजधानी जयपुर में शुक्रवार देर रात से हो रही बारिश ने उमस से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी. शनिवार सुबह भी हल्की बारिश का दौर जारी रहा. लगातार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया. जगह-जगह गड्ढों और खुदाई के कारण यातायात प्रभावित हुआ. शहर में जलभराव के चलते वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है. टोंक रोड, विधानसभा, लाल कोठी, 22 गोदाम सहित अन्य इलाकों में बारिश का असर देखा गया है .
दौसा में मूसलाधार बरसात: दौसा जिला मुख्यालय पर शनिवार सुबह 1 घंटे में 158 एमएम बारिश हुई. इससे शहर के निचले हिस्सों में पानी भर गया. जयपुर रोड पर 1 किमी तक सर्विस लाइन पर पानी भरने से कई कॉलोनी का संपर्क कट गया. सैंथल मोड़ पर खानाबदोश लोगों के कच्चे घर पानी में डूब गए तो साकेत कॉलोनी के घरों में पानी भर गया . सीकर जिले के दांतारामगढ़ कस्बे और आसपास मूसलाधार बारिश के बाद शहर की सड़कें जलमग्न हो गई. दांता में बाजारों में दुकानों में बरसात का पानी भरने से नुकसान की आशंका है.
अजमेर में झमाझम, स्कूलों की आज छुट्टी : उधर, अजमेर जिले में सुबह से बारिश का दौर जारी है. नसीराबाद उपखंड में जिला कलेक्टर के आदेश से एडवाइजरी जारी की गई.शनिवार सुबह से दोपहर तक 24 एमएम बारिश हुई जबकि शुक्रवार रात से सुबह 8 बजे से पहले 32 एमएम बारिश हुई. तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ. जिले के सभी क्षेत्रों में तेज बारिश हो रही है. जिला कलेक्टर लोकबंधू ने बारिश से एक दिन पहले ही एडवाइजरी जारी की थी. लोगों से अपील की थी कि तेज बारिश के मौसम में घर से बाहर नहीं निकलें. कलेक्टर ने तेज बारिश की संभावना को देखते 26 जुलाई को समस्त राजकीय, गैर राजकीय विद्यालयों और आंगनबाड़ियों में विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किया.
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर जारी: कलेक्टर लोकबंधु ने जिला कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष समेत तहसील, तहसील कार्यालय, सिंचाई विभाग कार्यालय और थानों के नंबर भी आमजन के लिए जारी किए ताकि आपात स्थिति में सूचना दी जा सके. खासकर नसीराबाद क्षेत्र के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नंबर जारी किए गए. इस क्षेत्र में बारिश ज्यादा हो रही है. अजमेर जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नम्बर 0145-2628932, तहसील कार्यालय बाढ़ नियंत्रण कक्ष 8209361440, 9782828401, 8441892050, पुलिस थाना श्रीनगर और नसीराबाद सदर, शहर, 01491- 286236, 220262, 220009, नसीराबाद नगर पालिका अधिशासी अधिकारी 8890343168, श्रीनगर पंचायत समिति 9783309065, विद्युत विभाग श्रीनगर, नसीराबाद कार्यालय 9571125872, 9413391624 , श्रीनगर, नसीराबाद स्वास्थ्य विभाग 8209190743, 9414258548, नसीराबाद सिंचाई विभाग 7737343393, अजमेर पुलिस कंट्रोल नंबर 01452629166, अजमेर सिंचाई विभाग कंट्रोल रूम नंबर 01452627133, अजमेर तहसील 0145,2627253 हैं.
इधर, अजमेर जिले के सभी बांध और तालाबों में पानी की अच्छी आवक हो रही है. आनासागर से लगातार पानी की निकासी की जा रही है. आनासागर की जलभराव क्षमता 13 फीट है. इसके ऊपर झील में पानी आते ही आसपास की डेढ़ दर्जन कॉलोनी में खतरा मंडराने लगता है. वरुण सागर (फॉयसागर) भी लबालब है. प्रशासन दोनों जगह नजरें जमाए है. जिले में नसीराबाद, पीसांगन, अराई क्षेत्र के कई एनीकट, तालाब और बांधों पर चादर चल रही है.
प्रमुख बांधों का हाल
- बीसलपुर बांध के गेट नं.10 से पानी का डिस्चार्ज जारी है. गेट नं.10 से 6,010 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है. बांध में पानी की आवक कम रही तो डिस्चार्ज कम किया जा सकता है. कैचमेंट एरिया में हल्की बारिश जारी है.
- पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े जवाई बांध का जलस्तर 65 फीट की तुलना में 35 फीट को पार कर गया है.
- धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके के पार्वती बांध में पानी की जबरदस्त आवक हो रही है. बांध के 6 गेटों को करीब 3-3 फीट खोलकर 9,831 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है. पार्वती बांध का जलस्तर 223.10 मीटर पर पहुँच चुका है. आंगई थाना प्रभारी संतोष शर्मा के नेतृत्व में बांध पर पुलिस जाप्ता तैनात है.
- भरतपुर के बांध बारैठा में लगातार पानी की आवक के बाद बांध के 2 गेटों को 2 फीट खोलकर 1,004 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है. बांध का जलस्तर फिलहाल 27 फीट के पार है, जबकि भराव क्षमता 29 फीट है. बांध क्षेत्र में शुक्रवार रात बारिश के बाद प्रशासन ने गेट खोले.
- खानपुर के भीमसागर बांध के कैचमेंट एरिया में शुक्रवार देर रात से लगातार बारिश के कारण 10,380 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है. बांध की क्षमता 1,012 फीट के जलस्तर को बनाए रखने के लिए 1,009 फीट तक भरा जा चुका है. लगातार आवक के चलते आज तड़के दो गेट खोलकर 5,360 क्यूसेक पानी निकाला गया. एसडीएम रजत विजयवर्गीय ने नदी में नहाने व पुल पार करने पर चेतावनी जारी की है.
धौलपुर : पार्वती बांध से पानी छोड़ा, उर्मिला सागर भी ओवरफ्लो
धौलपुर जिले के सबसे बड़े पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में जोरदार बारिश होने की वजह से जल संसाधन विभाग ने शनिवार सुबह बांध के 6 गेटों को करीब 3-3 फीट खोलकर 9,831 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है. पार्वती बांध का जलस्तर 223.10 मीटर पर पहुंच चुका है. जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता पपेंद्र मीणा ने बताया शुक्रवार को डांग क्षेत्र एवं पार्वती बांध के कैचमेंट एरिया में जोरदार बारिश हुई. बांध में पानी की आवक अधिक हुई.गेज मेंटेन के लिए 41 सेंटीमीटर बांध खाली रखा गया है. उर्मिला सागर भी ओवरफ्लो हो चुका है. पार्वती बांध का पानी नदी में रिलीज किए जाने से जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. कलेक्टर श्री निधि बीटी एवं पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की. बांध से पार्वती नदी में पानी रिलीज किए जाने से जिला मुख्यालय से कई गांवों का संपर्क कटने की आशंका है.
कुचामन क्षेत्र में बारिश से रास्ते बाधित: इस बीच, डीडवाना जिले के कुचामन सिटी, नावां, मकराना, चितावा समेत ग्रामीण अंचल में शनिवार सुबह मूसलाधार बारिश हुई. गर्जना के साथ सुबह 5 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ, जो करीब आठ बजे तक चला. नावां में सड़कों पर 1 फीट पानी बहता नजर आया. मारोठ, मिंडा, देवली, पंचोता, मिठड़ी, चितावा,नारायणपुरा, पांचवा व खारिया आदि में भी बारिश हुई. सांभर झील का जलस्तर बढ़ा है. कुचामन एसडीएम सुनील चौधरी ने लोगों से जलभराव क्षेत्र में नहीं जाने की अपील की.




















