जयपुर : राजस्थान में मानसून एक बार फिर विकराल रूप ले चुका है. राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के जयपुर केंद्र के अनुसार, अगले 5-6 दिनों तक राज्य के उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों में वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी, जबकि दक्षिण और दक्षिण-पूर्व राजस्थान में बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है.
मॉनसून ट्रफ लाइन उत्तर की ओर : मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, वर्तमान में मानसून ट्रफ लाइन श्रीगंगानगर-रोहतक से गुजर रही है और हरियाणा व उत्तरी राजस्थान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है. इसके चलते बारिश की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं. आगामी दिनों में ट्रफ लाइन सामान्य से उत्तर की ओर शिफ्ट होने के कारण भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ इलाकों में 3 अगस्त से भारी बारिश और 4 अगस्त को अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
येलो अलर्ट और वज्रपात की चेतावनी : मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली और दौसा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में तेज आंधी, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना है. 4 अगस्त को करौली और धौलपुर में अति भारी वर्षा का पूर्वानुमान है. रविवार को पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में फिर से बादल गरजने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है.
भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले : शुक्रवार को हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई
- गोलूवाला (हनुमानगढ़) – 156 मिमी
- नोहर – 137 मिमी
- अनूपगढ़ और सादुलशहर (श्रीगंगानगर) – 125 मिमी
- श्रीगंगानगर शहर – 116 मिमी
- चूरू – 67 मिमी
- टोंक के टोंडी सागर – 60 मिमी
- जयपुर शहर – 18 मिमी
- किशनगढ़ रेनवाल – 50 मिमी
- चौमूं – 46 मिमी
- सांगानेर – 39 मिमी
बारिश से हुए हादसों में गईं कई जानें : मूसलधार बारिश ने कई स्थानों पर जानलेवा रूप ले लिया. हनुमानगढ़ के उदासर गांव में मकान की छत गिरने से 4 वर्षीय बच्ची आरती की मौत हो गई. सीकर के गोकुलपुरा में 22 वर्षीय युवक नरेश नागकुड की डूबने से जान चली गई. टोंक के गोलेड़ा गांव में 13 वर्षीय अर्पित शर्मा तालाब में डूब गया. माउंट आबू में गुजरात के पर्यटक विपिनभाई पटेल (49) की सेल्फी लेने के दौरान खाई में गिरने से मौत हुई. धौलपुर में पार्वती नदी में मिनी ट्रक के साथ ड्राइवर और क्लीनर बह गए.
बांधों से जल निकासी और जलभराव : राजस्थान में बीते दिनों हुई भारी बारिश के बाद अब बांधों से पानी की नियंत्रित निकासी का सिलसिला जारी है. धौलपुर में पार्वती बांध के 6 गेट खोलकर 9,844 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे सैंपऊ और मनिया क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. कोटा में चंबल नदी के जलस्तर में वृद्धि के चलते कोटा बैराज के गेट खोले गए. हालांकि, बीते दिनों विकराल रूप ले चुकी चंबल नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है. शुक्रवार को इसका स्तर 142-143 मीटर तक पहुंच गया था, जो घटकर 136 मीटर पर बह रही है. इस गिरावट से धौलपुर के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पहले लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण चिंतित थे.
बीसलपुर बांध के गेट नंबर 9, 10 और 11 को एक-एक मीटर की ऊंचाई तक खोलकर 18,000 क्यूसेक पानी बनास नदी में छोड़ा जा रहा है. डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में त्रिवेणी का जलस्तर 3.40 मीटर डब्ल्यूएस दर्ज किया गया है. वहीं, झालावाड़ जिले के पांचना बांध से भी दो गेट खोलकर 222 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. वर्तमान में बांध का जलस्तर 257.90 मीटर है, जबकि इसका अधिकतम गेज 258.62 मीटर निर्धारित है. पाली के जवाई बांध में भी लगातार पानी की आवक जारी है. शनिवार सुबह तक जवाई बांध का गेज 40.60 फीट तक पहुंच गया है, हालांकि अभी भी बांध 20.65 फीट खाली है, जवाई बांध की 61.25 फीट की है.




















