प्रतापगढ़: जिले और शहर में गुरुवार सुबह करीब 10:07 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में आ गए. झटके के साथ ही जोरदार गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनाई दी, जिससे लोग भयभीत होकर अपने-अपने घरों, दुकानों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. कई स्कूलों और अस्पतालों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
कलेक्टर डॉ. अंजलि रजुरिया ने बताया कि सुबह 10 बजकर पांच मिनट पर यह झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.9 रही. कलेक्टर के मुताबिक उन्होंने खुद टीम को मौके पर भिजवाया और स्वयं धमोतर का मौका मुआयना किया. इस दौरान कुछ जगहों पर हल्की दरारें सामने आईं, जबकि जनहानि से उन्होंने इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम इलाके में नजर बनाए हुए है.
लगातार दूसरे सप्ताह में आया भूकंप: इसके पहले प्रतापगढ़ जिले में 23 जुलाई को भी भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता भी लगभग 3.5 के आसपास दर्ज की गई थी. दो सप्ताह के भीतर दो बार धरती का हिलना और इस बार आवाज के साथ झटका आने से लोगों में डर और संशय बढ़ गया है. 23 जुलाई की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने जागरूकता के कार्यक्रमों की जानकारी दी. साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग को एक पत्र भी लिखने की बात कही है. कलेक्टर ने बताया कि थोड़े अंतराल में आए भूकंप का आकलन करने के लिए जल्द एक विशेषज्ञ टीम मौका मुआयना करेगी.
कैमरे में दर्ज हुई हिलती हुई धरती: भूकंप का असर प्रतापगढ़ शहर के नई आबादी, सदर बाजार, गोपालगंज, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित कई इलाकों में स्पष्ट रूप से महसूस किया गया. ग्रामीण क्षेत्रों में धमोतर, कुलमीपुर और बारावरदा जैसे गांवों में भी कंपन इतना तेज था कि घरों से बर्तन गिर गए. यह घटना कुछ ही सेकंड चली, लेकिन तीव्रता और आवाज ने लोगों को डरा दिया. स्थानीय निवासी ने बताया कि पहले फर्श में हल्का कंपन हुआ, फिर ऐसा लगा जैसे दीवार से कुछ टकराया हो. इस भूकंप की आवाज तेज थी, जो एक सेकंड से ज्यादा रही. हमने बच्चों को घरों से बाहर निकाल लिया. इस घटना के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर भी झटकों और आवाज को लेकर प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ लोगों ने इसे भूस्खलन या ब्लास्ट समझा, लेकिन थोड़ी ही देर में एनसीएस की वेबसाइट पर भूकंप की पुष्टि हो गई.
जमीन से 10 किलोमीटर गहराई में केंद्र: नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 3.9 रिक्टर स्केल मापी गई. इसका केंद्र 24.09° अक्षांश और 74.88° देशांतर पर था, जो जमीन से लगभग 10 किलोमीटर गहराई में स्थित रहा. एनसीएस की रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि प्राथमिक झटकों के साथ एक तेज ध्वनि तरंग भी उत्पन्न हुई, जो स्थानीय सतह की कंपन से निकली थी. भूकंप का प्रभाव प्रतापगढ़ जिले तक सीमित नहीं रहा. आसपास के कई शहरों जैसे कि कोटा (159 किमी दूर), इंदौर (182 किमी), गांधीनगर (248 किमी), अहमदाबाद (263 किमी), और अजमेर (266 किमी) में भी कंपन महसूस किए गए. हालांकि, किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है. विशेषज्ञों का कहना है कि हल्के भूकंप सामान्य हैं, लेकिन अगर लगातार झटके आते रहें, तो सतर्कता जरूरी हो जाती है. प्रशासन द्वारा अभी तक किसी आपातकाल की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.




















