झालावाड़: एसडीएम थप्पड़ कांड से प्रदेश में चर्चा में आए नरेश मीणा मुश्किलों में गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं. झालावाड़ के पीपलोदी स्कूल में हुए हादसे के बाद जन क्रांति यात्रा छोड़कर जिला अस्पताल पहुंचे नरेश मीणा तथा उनके साथियों के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज हुआ है. नरेश मीणा पर जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं, कार्मिकों के साथ अभद्रता, हंगामा जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. इसी मामले को लेकर रविवार को पुलिस ने नरेश मीणा, जयप्रकाश और मुरारी को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया. जहां से मजिस्ट्रेट ने तीनों आरोपियों को 8 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया. इससे पहले नरेश मीणा पर बूंदी, कोटा जिले में भी मामला दर्ज हो चुके हैं.
इस संबंध में एसपी अमित कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल के डीन संजय पोरवाल तथा अधीक्षक अशोक शर्मा ने शिकायत दी थी. जिसमें उन्होंने नरेश मीणा व उसके अन्य साथियों पर जिला अस्पताल में हंगामा, इमरजेंसी व आईसीयू सेवा बाधित करने, कार्मिकों के साथ धक्कामुक्की, अभद्रता करने के आरोप लगाए थे. अस्पताल के डीन तथा अधीक्षक की शिकायत के बाद पुलिस ने नरेश मीणा तथा उसके अन्य साथियों के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज किया है. जांच के बाद नरेश मीणा उसके साथी प्रदीप उर्फ गोलू, जयप्रकाश, मुरारी को गिरफ्तार किया है.
उन्होंने बताया कि गोलू मीणा जो इसका मुख्य सहयोगी है और मेडिकल कॉलेज में हुए हाथापाई और गालीगलौच में शामिल था, उसको भी गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रदीप उर्फ गोलू हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी है. जिस पर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट के करीब 30 मुकदमे दर्ज हैं. गोलू की नवंबर में आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तारी हुई थी. पुलिस उसे सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी.
डीएसपी हर्षराज सिंह खरेड़ा ने बताया कि स्कूल हादसे के बाद नरेश मीणा व उसके साथियों द्वारा अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों, पुलिस प्रशासन के साथ अभद्रता की गई. वहीं अस्पताल में हंगामा तथा इमरजेंसी सेवाओं को बाधित किया गया. उनके खिलाफ डीन व अधीक्षक ने राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कराया था. इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिसमें से तीन आरोपियों नरेश मीणा, मुरारी तथा जेपी (जयप्रकाश) को रविवार को एसीजेएम कोर्ट के समक्ष पेश किया गया. मजिस्ट्रेट ने तीनों को 8 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का फैसला सुनाया. इस मामले में एक अन्य आरोपी गोलू मीणा को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा. इससे पहले नरेश मीणा को जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं बाधित करने के मामले में हिरासत में लिया गया था. बाद में उन्हें बाहर ले जाया गया, लेकिन वहां भी नरेश मीणा के द्वारा शांतिभंग किए जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया.
इधर न्यायिक मजिस्ट्रेट के द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद कोर्ट से बाहर निकले नरेश मीणा ने प्रदेश सरकार को घेरा. उन्होंने पीपलोदी स्कूल हादसे में मारे गए बच्चों के आश्रितों को जारी की जाने वाली आर्थिक सहायता राशि पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि रामगंज में सांप्रदायिकता करने वाले व्यक्ति को सरकार ने 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया. वहीं अहमदाबाद में हवाई यात्रा करने वाले लोगों को सरकार एक-एक करोड़ रुपए दे रही है. वहीं पीपलोदी हादसे में मारे गए गरीब तथा आदिवासी बच्चों के लिए सरकार ने 10 लाख रुपए का मुआवजा तय किया है. जो मृतक परिवारों के साथ अन्याय है. वह इन परिवारों के लिए लड़ते रहेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार मृतक बच्चों के आश्रितों को एक करोड़ रुपए तथा घायलों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दे.
गौरतलब है कि मनोहरथाना के पीपलोदी गांव में हुए स्कूल हादसे के बाद परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा, संविदा नौकरी, दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए नरेश मीणा अपने साथियों सहित जिला अस्पताल के गेट पर धरना देने बैठ गए थे. इसके बाद कानून-व्यवस्था बिगड़ने के चलते पुलिस ने हिरासत में लिया. वहीं एसडीएम द्वारा पाबंद किए जाने के बाद उनकी तुरंत गिरफ्तारी की गई. जिसके बाद उन्हें 8 अगस्त तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है.




















