कोटा: शहर में मेडिकल एंट्रेंस की कोचिंग करने आए बिहार के छात्र से नीट यूजी परीक्षा पास करवाने की एवज में लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. इस मामले में 31 जुलाई को मुकदमा दर्ज हो जाने के चार दिन बाद भी पुलिस के खाली हाथ ही हैं. आरोपी उसके दोस्त हैं, जिन्होंने उससे परीक्षा पास करवाने की एवज में लाखों रुपए ठग लिए हैं. परिवादी छात्र ने शिकायत में बताया है कि यह राशि उसके पिता ने बहन की शादी के लिए उसके बैंक अकाउंट में जमा की हुई थी. उसका आरोप है कि काफी दिन चक्कर काटने के बाद उसका मुकदमा दर्ज किया गया है. इस पूरे मामले में जांच कर रहे जवाहर नगर थाने के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर जवाहरलाल का कहना है कि मामले में छात्र को बुलाया था. उसके दस्तावेज मांगे हैं. आरोपी छात्रों के मोबाइल बंद हैं. प्रकरण में जांच चल रही है.
8.50 लाख रुपए दिए : पीड़ित छात्र का कहना है कि वह बिहार के मुजफ्फरपुर के कुढ़नी थाना इलाके के मादापुर रायती निवासी है. उसकी दोस्ती दो लड़कों से हुई थी. पढ़ाई के दौरान कुछ परेशान रहने लगा तो इसपर दोनों दोस्तों ने नीट में अच्छे से अच्छे नंबर दिलाने का झांसा दिया. साथी 13 लाख रुपए की मांग की. इसके बाद छात्र ने अपनी बहन की शादी के लिए पिता की ओर से खाते में डाले हुए 8.50 लाख रुपए निकाल कर आरोपी को दे दिए.
मार्च से शुरू हुआ सिलसिला: इनमें से 2 लाख यूपीआई के जरिए आरोपी के रिश्तेदार को दिए हैं, जबकि 4.50 लाख रुपए दोनों आरोपी को नकद भुगतान किए हैं. इसके अलावा भी छात्र ने आरोपी को 2 लाख की विभिन्न प्रकार की खरीदारी करवाई है. यह एटीएम और ऑनलाइन से की गई है. छात्र का कहना है कि इस पूरे मामले में 15 मार्च के आसपास से दोनों आरोपी उससे पैसा ले रहे हैं. इसके बाद 4 मई को हुई नीट परीक्षा के दो से तीन दिन बाद भी लेते रहे.
नीट ओएमआर शीट खाली छोड़ने के लिए कहा : छात्र के अनुसार उसका सेंटर उदयपुर आया था. आरोपियों ने नीट परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट पर कुछ भी नहीं लिख के आने को कहा था. आरोपियों ने झांसा दिया कि एमसीसी की ओर से आंसर शीट बदल दिए जाएंगे और 685 नंबर आ जाएंगे. नीट परीक्षा के बाद सत्यम और अभय उसके फ्लैट पर जबरदस्ती रहने लगे. इस दौरान 2 लाख रुपए यूपीआई के माध्यम से सत्यम के रिश्तेदार के बताए तीन अकाउंट में दिए थे. इस तरह से आरोपियों ने 8.50 लाख रुपए ले लिए हैं.
चक्कर कटवाने के बाद बड़ी मुश्किल से दर्ज किया मुकदमा : छात्र का कहना है कि उसकी दोस्ती एक और लड़के से हुई थी, जो दोनों आरोपियों के भी दोस्त थे. उसने छात्र को बताया था कि दोनों आरोपी नीट में पास करवाते हैं. इसके बाद उसने भी छात्र से 1 लाख रुपए ले लिए थे. हालांकि, पुलिस ने समझौता करवाकर 1 लाख में से 80 रुपए रुपए छात्र को लौटा दिए थे. वहीं, 8.50 लाख रुपए की ठगी के मामले में छात्र का आरोप है कि उसने 27 मार्च को जवाहर नगर थाने में शिकायत दे दी थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. बाद में 31 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया है.




















