अलवर: अब जिला अस्पताल में आपराधिक वारदात कर भागना बदमाशों के लिए मुश्किल होगा. कारण है कि जिला अस्पताल के तहत आने वाले सामान्य चिकित्सालय, महिला अस्पताल और शिशु चिकित्सालय का हर कोना अब सीसीटीवी कैमरों (तीसरी आंख) की निगरानी में होगा. यहां पहले से साठ कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन वे अपर्याप्त है. अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखते हुए साठ कैमरे और लगाए जाएंगे. इन अस्पतालों में नवजात बच्चों की अदला-बदली के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों के मोबाइल, पर्स, रुपए और सोने की चेन चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं. इस अस्पताल में अलवर के अलावा खैरथल-तिजारा, बहरोड़-कोटपूतली के साथ-साथ हरियाणा के नूंह (मेवात), नारनौल, भरतपुर और उत्तर प्रदेश के गोवर्धन तथा आसपास के गांवों के हजारों मरीजों का भार रहता है.
जिला अस्पताल के अंतर्गत सामान्य चिकित्सालय, महिला अस्पताल और शिशु अस्पताल में रोजाना चार से पांच हजार मरीज और उनके परिजन आते हैं. ऐसे में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी था. अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुरक्षा के लिए वार्डों में सुरक्षा गार्ड और 60 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए थे, लेकिन मरीजों की भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण ये उपाय पर्याप्त साबित नहीं हो रहे थे. मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक में डीओआईटी विभाग के सहयोग से 60 नए हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया. अब सामान्य अस्पताल, महिला चिकित्सालय और शिशु अस्पताल के हर हिस्से पर नजर रखना आसान होगा.
अब रुकेंगी आपराधिक घटनाएं: पीएमओ सुनील चौहान ने बताया कि नए कैमरे लगने के बाद मोबाइल, पर्स, रुपए, सोने की चेन और डॉक्टरों की मोहर चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा. इसके अलावा, मरीजों के परिजनों द्वारा चिकित्सकों और कर्मचारियों से की जाने वाली मारपीट या झगड़ों को भी रोका जा सकेगा. सामान्य चिकित्सालय में एक सर्विलांस रूम बनाया जाएगा, जहां से पूरे अस्पताल परिसर की लाइव निगरानी की जा सकेगी.
अभय कमांड सेंटर से जोड़ने पर विचार: पीएमओ चौहान ने बताया कि जिला अस्पताल में लगे कैमरों को अभय कमांड सेंटर से जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अलवर जिला अस्पताल में न केवल स्थानीय बल्कि हरियाणा और भरतपुर के मरीज भी इलाज कराते हैं. रोजाना 4-5 हजार लोगों के आवागमन को देखते हुए सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है. नए कैमरे हाई-रेजोल्यूशन, बेहतर क्वालिटी और नाइट विजन वाले हैं, जो अस्पताल के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगाए गए हैं.
अब 126 कैमरों की निगरानी में तीनों अस्पताल: पीएमओ ने बताया कि नए 60 कैमरों में से 33 महिला और शिशु अस्पताल में तथा 24 सामान्य अस्पताल में लगाए गए हैं. इससे पहले सामान्य अस्पताल में 51 और महिला व शिशु अस्पताल में 16 कैमरे काम कर रहे थे. अब कुल 126 कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी होगी, जिससे सुरक्षा और मॉनिटरिंग प्रणाली और प्रभावी होगी.




















