चित्तौड़गढ़: सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में बरसाती नदियां उफान पर हैं. जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के सांभरिया कस्बे में ढूंढ नदी उफान पर है. सांभरिया से बाडापदमपुरा मार्ग पर नदी में पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि पुलिया के ऊपर से पानी गुजरने लगा, जिससे यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया. स्थानीय लोगों ने बताया कि जयपुर शहर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के बाद नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे सांभरिया, बाडापदमपुरा और चाकसू की ओर जाने वाले वाहनों को रास्ता बंद करना पड़ा.
हालात ऐसे हो गए कि वाहन चालकों को न केवल आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी, बल्कि कई वाहन वापस लौटने को मजबूर हो गए. चिंता की बात यह रही कि पुलिया पर किसी भी प्रकार का चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था, जिससे वहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिया पर चेतावनी संकेतक तुरंत लगाए जाएं और नदी के बहाव में तेजी के समय मार्ग को पूरी तरह बंद किया जाए, ताकि किसी जनहानि की आशंका न रहे.
पार्वती नदी में डूबने से दंपती की मौत : धौलपुर जिले के राजाखेड़ा क्षेत्र में पार्वती नदी में डूबने से एक दंपती की दर्दनाक मौत हो गई. मृतक महेश के छोटे भाई राजकपूर ने बताया कि दंपती नदी में आए तेज पानी और बहाव को देखने के लिए पहुंचे थे. संभवतया तभी यह हादसा हो गया. स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकाला गया. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है.
SDRF बनी संजीवनी : चित्तौड़गढ़ में ब्राह्मणी नदी से प्रसूता और जुड़वां नवजातों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है. नदी के उफान ने इलाके के धाकड़मऊ कलां गांव में संकट खड़ा कर दिया, जब एक प्रसूता महिला, उसके जुड़वां नवजात और दो परिजन तेज बहाव के बीच फंस गए. गांव में कोई रास्ता नहीं बचा था, लेकिन राहत की संजीवनी बनी SDRF की रेस्क्यू टीम ने जान जोखिम में डाल वक्त रहते मां और दोनों नवजातों सहित कुल 4 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया.
राजस्थान पुलिस की मानसून में सुरक्षा अपील : राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मानसून के दौरान तेज बहाव एवं जलभराव वाले इलाकों में अत्यधिक सावधानी बरतें. बहते नालों, नदियों या जलभराव वाले रास्तों से बचें. आपकी जल्दबाजी या लापरवाही जानलेवा हो सकती है. तेज बारिश के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. बच्चों को नदी या तालाब के पास जाने से रोकें. बिजली उपकरणों को पानी से दूर रखें. मौसम विभाग व प्रशासन के अलर्ट पर विशेष ध्यान दें.




















