जयपुर/नई दिल्ली: झालावाड़ जिले के मनोहर थाना इलाके में शुक्रवार को सरकारी स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत मामले को लेकर प्रदेश सरकार निशाने पर आ गई. कांग्रेस नेताओं समेत विभिन्न संगठनों ने घटना पर दुख जताया और राज्य सरकार पर तीखा हमला किया.. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने नई दिल्ली में राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. डोटासरा ने इसे केवल ‘दुर्घटना’ कहने से इनकार करते हुए कहा कि यह सरकार की आपराधिक लापरवाही से हुई हत्या है. राज्य सरकार को कई बार चेताया गया था कि कई स्कूल भवन बेहद जर्जर हैं, लेकिन इसके बावजूद समय पर मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी हादसे पर संवेदना जताई. वहीं संयुक्त अभिभावक संघ ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से इस्तीफे की मांग की.
शिक्षा बजट को बोझ समझ बैठी सरकार: पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा के बजट को बोझ समझती है. उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्रियों के बंगलों की मरम्मत के लिए सरकार के पास पैसा और समय है तो स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए क्यों नहीं? डोटासरा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार की प्राथमिकता में बच्चों की सुरक्षा नहीं है. उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है, लेकिन हमें हादसे की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. सरकारी सिस्टम ने जर्जर स्कूल भवन को लेकर जिम्मेदारी नहीं निभाई, जिससे बच्चों की जान गई और कई गंभीर घायल हैं. डोटासरा ने सलाह दी कि सरकार को अब चेत जाना चाहिए और प्रदेश के सभी जर्जर भवनों की तुरंत समीक्षा कर वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए. बच्चों को तुरंत दूसरी सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जाए और भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए ठोस कार्य योजना बने.
पूर्व शिक्षा मंत्री रहते हुए किए थे प्रयास: डोटासरा ने अपने कार्यकाल का जिक्र करते कहा कि उन्होंने शिक्षा मंत्री रहते हुए पूरे राज्य में स्कूलों की हालत का डाटा एकत्र कर शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज करवाया था. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान 1000 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत पर किए थे, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार के बीते दो वर्षों में केवल बयानबाजी होती रही है.
विशेष पैकेज की मांग: डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर संज्ञान लेकर स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए विशेष पैकेज जारी करना चाहिए ताकि बच्चों की जान खतरे में न पड़े. साथ ही पीसीसी चीफ डोटासरा ने इस भीषण हादसे में मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.
नेता प्रतिपक्ष ने जताई संवेदनाः झालावाड़ में हुई घटना पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए संवेदना जताई है. उन्होंने लिखा कि ‘ पीपलोदी, मनोहरथाना (झालावाड़) में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग गिरने से 5 बच्चों की मृत्यु एवं 30 से ज्यादा गंभीर घायल होने के समाचार अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है. मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान, परिवारजनो को यह दुःख सहन करने की शक्ति एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करे’.
मंत्री से इस्तीफे की मांग: संयुक्त अभिभावक संघ ने कहा कि यह घटना राज्य सरकार, शिक्षा मंत्रालय और शिक्षा विभाग की नाकामियों का जीता जागता परिणाम है. संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा जनवरी में सरकारी हिंदी माध्यमिक स्कूलों को मर्ज किया था. इसमें स्वस्थ स्कूलों मर्ज कर जर्जर स्कूलों को छोड़ा. स्कूल में आज बच्चों की मृत्यु नहीं हुई है, यह सुनियोजित षड्यंत्र हैं, जिसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को लेनी चाहिए और अपने पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए.




















