झालावाड़: राजस्थान के ‘चेरापूंजी’ कहे जाने वाले झालावाड़ जिले में मानसून मेहरबान है. यहां बीते 48 घंटों में भारी बारिश हुई. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में दो दिनों में 600 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे अधिकांश कुएं, बावड़ी और तालाब लबालब हो गए. खास बात यह है कि जिले के पांच प्रमुख बांध अभी भी 50 प्रतिशत से अधिक खाली हैं.
मौसम विभाग के अनुसार मानसून सक्रिय होने के बाद से जिले में अब तक 400 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि जिले का सर्वकालिक बारिश रिकॉर्ड 900 मिमी है. बारिश ने औसत आंकड़े को छू लिया है, लेकिन बांधों में पानी नहीं भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है.
जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता दीपक खत्री ने बताया कि भीमसागर बांध पूरी तरह भर गया है, जिसके चलते गुरुवार को सभी पांच गेट खोलकर पानी छोड़ा गया. शुक्रवार को दो गेट खोलकर 7076 क्यूसेक पानी का निस्तारण किया जा रहा है. वहीं कालीसिंध बांध से एक गेट खोलकर 112.59 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.
जिले में 5 बड़े बांधों की मौजूदा स्थिति:
- भीमसागर बांध: 76.62 एमसीएफटी क्षमता में से 55.02 एमसीएफटी (71%)
- कालीसिंध बांध: 54.37 एमसीएफटी क्षमता में से 23.71 एमसीएफटी (43.62%)
- राजगढ़ बांध: 54.09% भरा
- छापी बांध: 52.91% भरा
- चंवली डेम: मात्र 18% भरा
- गागरिन बांध: 42.85% भरा
बीते 24 घंटे में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश:
बाढ़ नियंत्रण एवं कंट्रोल कक्ष के अधिकारी रवि ने बताया कि झालावाड़ जिले में बीते 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश झालरापाटन में दर्ज की गई है. यहां 61 एमएम बारिश दर्ज हुई है, जबकि खानपुर में 60, पचपहाड़ में 52, असनावर में 42, डग में 3 और गंगधार में 2 एमएम बारिश हुई. सबसे कम बारिश डग तथा गंगधार क्षेत्र में दर्ज की गई.
धौलपुर की पार्वती नदी में पानी की आवक: राजाखेड़ा में शुक्रवार सुबह से रुक रुक कर बारिश हो रही है. लगातार बारिश से पार्वती बांध में पानी छोड़ा गया. इसके चलते पार्वती (उतंगन) नदी में भी पानी की भारी आवक बनी हुई है. नदी की रपटों पर तेज रफ्तार से पानी बह रहा है. हल्का पटवारी विजय सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक नादोली गांव की रपट पर करीब 4 फिट पानी की चादर चल रही थी. पानी बढ़ने के साथ ही रपट पर से आगमन बंद है.




















