बाड़मेर: जिले में सोलर कंपनियां की ओर से खेजड़ी व अन्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के विरोध में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में बरियाड़ा गांव में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन मंगलवार रात समाप्त हो गया. धरने के तीसरे दिन मंगलवार देर रात भाटी की मौजूदगी में प्रशासन, सोलर कंपनी और ग्रामीणों के बीच विभिन्न मांगों पर वार्ता के बाद समझौता हो गया.
वार्ता में विधायक भाटी ने मध्यरास्ता की और ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से प्रशासन व सोलर कंपनी के सामने रखा. विधायक भाटी ने प्रशासनिक अधिकारियों एवं कंपनी प्रतिनिधियों को स्पष्ट संदेश दिया कि खेजड़ी जैसे संरक्षित वृक्षों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने उपखंड अधिकारी से मांग की है कि इस मामले में दोषी कंपनी अधिकारियों पर काश्तकारी अधिनियम एवं पर्यावरणीय संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाए. प्रशासन ने इस पर सहमति जताई और शीघ्र कार्रवाई का वादा दिया.
विभिन्न मुद्दों पर सहमति : विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने बताया कि कंपनी अधिकारियों एवं ग्रामीणों के बीच बैठक में तय हुआ कि स्थानीय ग्रामीणों का कंपनी से जो पैसा बाकी था, उसे जल्द दिया जाएगा. इसी के साथ सोलर कंपनियां खेजड़ी के काटे पेड़ों की भरपाई के लिए सार्वजनिक निगरानी में व्यापक पौधारोपण करेगी. इसमें ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. इसके साथ ही जिन ग्रामीणों की भूमि बिना सहमति या कम मुआवजे पर ली, उनकी शिकायतों की दोबारा जांच की जाएगी और उचित मूल्य दिलाया जाएगा. रोजगार में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी. कंपनियां अपने प्रोजेक्ट्स में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार देगी. कंपनियों के सीएसआर फंड क्षेत्र के विकास पर खर्च किया जाएगा.
खोले जाएंगे बंद रास्ते: बैठक में तय हुआ कि ग्रामीणों के खेतों और मंदिरों तक जाने के लिए अवरुद्ध रास्ते शीघ्र बहाल किए जाएंगे. विधायक भाटी ने विशेष जोर देते हुए प्रशासन को निर्देश दिया कि जमीन की पैमाइश तत्काल शुरू की जाए. प्रशासन ने जल्द ही पैमाइश के लिए अधिकारियों को भेजने की बात कही. भाटी ने स्पष्ट किया कि कंपनियां सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करतीं तो फिर से आंदोलन किया जाएगा.
इसलिए दिया धरना: जिले के बरियाड़ा और खोडाल गांव के ग्रामीणों ने सोलर कंपनियों की ओर से खेजड़ी व अन्य पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायत पर शिव विधायक भाटी रविवार को मौके पर पहुंचे. उन्होंने पाया कि खेजड़ी सहित अन्य पेड़ों को काटा गया. इससे नाराज भाटी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए. सोमवार को भाटी में आसपास जेसीबी से कटाने के बाद जमीन में दबाए खेजड़ी के पेड़ों को बाहर निकाला. भाटी ने चेताया कि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो काटे पेड़ ट्रक में भरकर कलेक्ट्रेट कार्यालय ले जाएंगे व प्रशासन को सौंपेंगे. इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया. इसके बाद मंगलवार को भाटी ने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल और प्रशासन एवं कंपनी अधिकारियों के बीच वार्ता कराई. देर रात विभिन्न मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ.




















