जयपुर: झालावाड़ में सरकारी स्कूल में हुई दुर्घटना के बाद अब प्रशासन किसी भी तरह की रिस्क लेने को तैयार नहीं है. यही वजह है कि राजधानी की जिन जर्जर इमारतों को चिह्नित किया गया, उन्हें ढहाने की कार्रवाई शुरू की गई है. इस क्रम में सोमवार को मणिहारों के रास्ते और खेजड़ों के रास्ते में एक-एक भवन को ढहाया गया, जबकि खुद शासन सचिव की मौजूदगी में नाटाणियों के रास्ते में नाटाणियों की हवेली के एक हिस्से को भी गिराया गया.
तीन इमारतों पर कार्रवाई: हेरिटेज नगर निगम क्षेत्र में चिह्नित 126 जर्जर भवनों में से सोमवार को किशनपोल जोन की तीन जर्जर इमारतों पर एक्शन लिया गया. यहां सबसे पहले मणिहारों के रास्ते में महावीर पार्क के सामने एक भवन को गिराया गया. इसके बाद खेजड़ों के रास्ते में मकान संख्या 2185 मोदी भवन को ढहाया गया. इस दौरान स्ट्रीट लाइट वायरिंग भी टूट गई. जिससे धुआं निकलने पर डर का माहौल भी बना. यहां एक व्यक्ति ने भवन की दुकान किराए पर लेकर सामान रखा हुआ था, जिसने इस कार्रवाई का विरोध भी किया. हालांकि, संबंधित व्यक्ति को पूर्व में दुकान खाली करने के लिए नोटिस भी दिया गया था.
शासन सचिव की मौजूदगी में कार्रवाई: वहीं, इसके बाद निगम की टीम उच्च अधिकारियों के साथ नाटाणियों के रास्ते में विजिट करने पहुंची. इस दौरान शासन सचिव रवि जैन, डीएलबी डायरेक्टर जेपी चंद्रशेखर, हेरिटेज निगम आयुक्त निधि पटेल और ग्रेटर निगम आयुक्त गौरव सैनी मौके पर पहुंचे, जहां मकान मालिकों ने तीन दिन का समय और मांगा था. हालांकि, विजिट के दौरान भवन के एक अत्यंत जर्जर हिस्से को गिराया गया.
अभी और भी भवनों पर होगी कार्रवाई: किशनपोल जोन डीसी दिलीप भंभानी ने बताया कि क्षेत्र में जिन बिल्डिंगों के हालात ज्यादा खराब हैं, बारिश में गिर सकते हैं, जान-माल का नुकसान हो सकता है, उन्हें आइडेंटिफाई कर ध्वस्तीकरण का कार्य किया जा रहा है. अकेले किशनपोल जोन में 65 भवन जर्जर स्थिति में हैं. जिनमें से 6 को ढहाने के लिए प्राथमिकता पर नोटिस जारी किए गए. इनमें से तीन भवन मालिकों ने अपने स्तर पर भवन को मरम्मत करना शुरू कर दिया है, जबकि तीन पर कार्रवाई सुनिश्चित की गई है. इनमें से खेजड़ों के रास्ते में करीब 90 साल पुराने मोदी भवन को ढहाया गया. इसी तरह मणिहारों के रास्ते में महावीर उद्यान के ठीक सामने एक पुराने भवन को ढहाया गया है. यहां पहले बिल्डिंग को खाली कराया गया था. उसके बाद सीज किया गया. तीन से चार दिन का गैप दिया गया और अब बिल्डिंग को ढहाया गया है.
उन्होंने बताया कि बाकी तीन भवनों में मरम्मत कार्य शुरू किया गया है. उसकी भी जांच की जाएगी. यदि संतोषजनक कार्य नहीं किया गया तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में होने वाले खर्च को भवन मालिक से ही वसूला जाएगा. क्योंकि ये काम निगम प्रशासन का नहीं, बल्कि भवन मालिकों का है. साथ ही बताया कि इनके अलावा और भी इमारतें हैं, जिनका कमेटी विजिट करेगी. और यदि ऐसी कोई रिस्की इमारतें होंगी तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी.




















