सादुलपुर, चूरू जिले में स्थानीय पुलिस ने गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गिरोह के दो कुख्यात हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने 10 जुलाई की देर शाम को गश्त के दौरान एजीटीएफ (एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स) की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों, देवकरण उर्फ देवा (30) और विजय सिंह (29) को धर दबोचा.
इनके कब्जे से दो विदेशी पिस्टल, नौ जिंदा कारतूस और फर्जी पासपोर्ट बरामद किए गए हैं. दोनों आरोपी चूरू के सदर और कोतवाली थानों के हिस्ट्रीशीटर हैं और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देकर फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भागने की योजना बना रहे थे. इस कार्रवाई का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी निश्चय प्रसाद एम. ने किया, जिन्होंने हाल के दिनों में गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाइयों के जरिए अपराधियों में खौफ पैदा किया है. थानाधिकारी राजेश कुमार सिहाग के नेतृत्व में गठित दो विशेष पुलिस टीमों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया.
जयपुर को दहलाने का था प्लान
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी देवकरण उर्फ देवा, लालासर (थाना दूधवाखारा, चूरू) का निवासी है, जबकि विजय सिंह, घंटेल (थाना सदर, चूरू) का निवासी है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं. इनके खिलाफ चूरू और आसपास के थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. देवकरण के खिलाफ एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, आर्म्स एक्ट और हत्या का प्रयास जैसे संगीन अपराध शामिल हैं. कुछ मामलों में चालान पेश किया जा चुका है, एक मामले में उसे कोर्ट ने दोषमुक्त किया, जबकि अन्य मामले विचाराधीन हैं. वहीं, विजय सिंह के खिलाफ करीब 11 मामले दर्ज हैं, जिनमें चूरू सदर, कोतवाली और बिसाऊ (झुंझुनूं) में मारपीट, एससी/एसटी एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या का प्रयास जैसे अपराध शामिल हैं. एक मामले में विजय को कोर्ट ने दोषमुक्त किया, एक में राजीनामा हुआ और बाकी मामले विचाराधीन हैं. पुलिस का कहना है कि दोनों जयपुर को दहलाने के फिराक में थे. लेकिन उससे पहले ही पुलिस के हाथ लग गए.
विदेशों से आया था हथियार
आईपीएस निश्चय प्रसाद ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अपने स्थायी पते पर पासपोर्ट बनवाने में असफल रहने के कारण लक्ष्मणगढ़, सीकर में फर्जी पते के दस्तावेज तैयार करवाए और उनके आधार पर फर्जी पासपोर्ट बनवाए. विजय सिंह पहले ही एक बार फर्जी पासपोर्ट का उपयोग कर विदेश यात्रा कर चुका है. पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट के संबंध में अलग से प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह भी पता चला कि दोनों किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे, जिसके बाद वे विदेश भागने की फिराक में थे. इस कार्रवाई में थानाधिकारी राजेश कुमार सिहाग, एसआई श्यामलाल, हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह, सुमेर सिंह, और कांस्टेबल संदीप कुमार, कुलदीप कुमार, सुरेश कुमार, पवन कुमार और मनोज कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.




















