Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

जयपुर के कॉलेज भी जर्जर! छात्रों को पढ़ाई से ज्यादा सुरक्षा की चिंता, दरकती दीवारों के बीच भविष्य संवारने की चुनौती

जयपुर : राजस्थान में शिक्षा की नींव मानी जाने वाले स्कूल और कॉलेज खुद जर्जर इमारतों के सहारे टिकी हुई हैं. एक ओर सरकार शिक्षा के गुणवत्ता सुधार की बात कर रही है तो दूसरी ओर राजस्थान विश्वविद्यालय का प्रतिष्ठित राजस्थान कॉलेज और राजधानी जयपुर का पहला सरकारी कॉलेज जैसे संस्थान ढहती दीवारों और टपकती छतों के बीच शिक्षा देने को मजबूर है. ऐसे में विद्यार्थियों को न केवल खराब इंफ्रास्ट्रक्चर से जूझना पड़ रहा है, बल्कि अपनी सुरक्षा को भी दांव पर लगाना पड़ रहा है.

छात्रों के सपनों पर चोट : प्रदेश के शिक्षण संस्थान जर्जर भवन में संचालित हो रहे हैं. फिर चाहे वो स्कूल शिक्षा हो या कॉलेज शिक्षा. राजस्थान विश्वविद्यालय का संघटक कॉलेज राजस्थान कॉलेज भी इसी सूची में शामिल है. 1957 में करीब 65 एकड़ जमीन पर बने इस महाविद्यालय में एक समय में साढ़े चार हजार से ज्यादा छात्र पंजीकृत रहते हैं. इनमें से 1500 छात्र वो हैं, जो हर साल नए सत्र में इस कॉलेज से जुड़ते हैं. उनकी सोच होती है कि जब राजस्थान विश्वविद्यालय से जुड़े इतने बड़े राजस्थान कॉलेज में जाएंगे तो वहां एक अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ क्लासेस लेंगे और अपने भविष्य को संवारेंगे, लेकिन यहां आकर उनके सपनों पर पानी फिर जाता है.

Advertisement Box

हेलमेट पहनकर क्लास में पहुंचे छात्र : दरअसल, इस कॉलेज की कक्षाएं अब मरम्मत मांगने लगी हैं. अधिकतर क्लासेस में कहीं दीवारों पर दरारें पड़ रही हैं तो कहीं छतों का प्लास्टर गिरता है. हाल ही में राजस्थान विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) की ओर से ए प्लस ग्रेड भी मिली. इससे पहले इस कॉलेज को संवारने के लिए महज 50000 का फंड अलॉट किया गया, जिससे इस कॉलेज को बाहरी रूप से तो संवार दिया गया, लेकिन अंदर दरकती दीवारें अपने जीर्णोद्धार की बाट ही जोहती रही. प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए कई बार छात्रों ने अनोखे प्रोटेस्ट भी किए. कक्षा कक्षों में हेलमेट पहनकर क्लास भी ली और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए शिकायतें भी दर्ज कराई, लेकिन हालत ज्यों के त्यों बने हुए हैं.

क्लास में हेलमेट पहनकर बैठे छात्र : छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने कहा कि जब तक कोई दुर्घटना नहीं हो जाती, ये लोग सचेत नहीं होंगे. झालावाड़ में जिस तरह छत गिरने से मासूम बच्चों की मौत हुई, उस दुर्घटना से प्रशासन ने सीख नहीं ली. आज गिरते प्लास्टर वाली छतों के नीचे बैठकर छात्र पढ़ने को मजबूर हैं. ये दुर्भाग्य है, राजस्थान महाविद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक विद्यार्थी का, जिन्होंने फीस जमाकर उम्मीद के साथ यहां एडमिशन तो लिया. वहीं, छात्र लोकेश गुर्जर ने कहा कि हर क्लास जर्जर हो रखी है. कहीं दीवारों में दरारें हैं, कहीं छत टपक रही है, कहीं पंखे मुड़े हुए हैं. महाविद्यालय प्रशासन से यही निवेदन है कि इन्हें सही कराएं, नहीं तो जो छात्र यहां पढ़ने आते हैं वो अपने साथ शिक्षा की बजाय कोई जख्म लेकर जाएगा.

कॉलेज प्रशासन को स्वीकृति का इंतजार : इस संबंध में कॉलेज की उपप्राचार्य डॉ. मीता शर्मा ने बताया कि महाविद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए विश्वविद्यालय की कुलपति और महाविद्यालय के प्राचार्य निरंतर प्रयासरत हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उपप्राचार्य टीम ने स्थान भी चिह्नित कर लिए हैं. इसका बजट बनाकर यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग विंग को भेजा गया है. वहां से वित्तीय स्वीकृति मिलने पर जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया जाएगा. वहीं, कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है कि जो भी कॉलेज स्थाई और अस्थाई भवन में संचालित हो रहा है, वहां भवन की छत और दीवारों की हालत क्या है? क्या वहां कोई दरार या रिसाव तो नहीं? भवन के आसपास जल निकासी प्रणाली की पूर्ण व्यवस्था है या नहीं? भवन में बिजली के खुले तार और उपकरण तो नहीं है?

भवन शिफ्ट करने की लगाई गुहार : जयपुर के पहले सरकारी कॉलेज, जयपुर राजकीय महाविद्यालय ने अपनी फरियाद कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय से लगाई है. ये कॉलेज फिलहाल 1956 में बने राजा रामदेव पोद्दार उच्च माध्यमिक विद्यालय में अस्थाई रूप से संचालित है. चूंकि ये भवन करीब 70 साल पुराना हो चुका है, ऐसे में यहां कई कक्षा कक्ष की दीवारों पर दरारें पड़ गई हैं. ऐसे में कॉलेज की प्राचार्य स्निग्धा शर्मा ने कॉलेज आयुक्तालय को पत्र लिखकर कार्मिकों और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय को नए भवन में शिफ्ट करने की डिमांड की है. आपको बता दें कि इस कॉलेज में 3000 छात्र पंजीकृत हैं और फिलहाल ये कॉलेज स्कूल भवन के महज 9 कमरों में संचालित हो रहा है और इन कमरों को भी मरम्मत की दरकार है.

Best Service Providers Near You
Bhilwara : बेटियों को फ्री सेनेटरी नैपकिन जल्द दिलवाने के लिए कलेक्टर ने सरकार को लिखा पत्र
आज फोकस में

Bhilwara : बेटियों को फ्री सेनेटरी नैपकिन जल्द दिलवाने के लिए कलेक्टर ने सरकार को लिखा पत्र

Bhilwara : सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो, क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाए: संजय माथुर
आज फोकस में

Bhilwara : सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो, क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाए: संजय माथुर

Bhilwara : वर्तमान समय में समाज साइबर अपराध से सजग और सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है
आज फोकस में

Bhilwara : वर्तमान समय में समाज साइबर अपराध से सजग और सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है

Bikaner : एचबी कांक्लेव 2025 का भव्य आगाज, देशभर के दिग्गज डॉक्टरों ने कैंसर पर साझा किए नए अनुभव
आज फोकस में

Bikaner : एचबी कांक्लेव 2025 का भव्य आगाज, देशभर के दिग्गज डॉक्टरों ने कैंसर पर साझा किए नए अनुभव

‘वंदे मातरम@150’: सात नवंबर को जूनागढ़ से निकलेगी प्रभात फेरी
आज फोकस में

‘वंदे मातरम@150’: सात नवंबर को जूनागढ़ से निकलेगी प्रभात फेरी

शरद पूर्णिमा पर श्री खांखरा वाले देवता इन्द्रा मार्केट की ओर से विविध धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम सम्पन्न
आज फोकस में

शरद पूर्णिमा पर श्री खांखरा वाले देवता इन्द्रा मार्केट की ओर से विविध धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम सम्पन्न

कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के वोट की चोरी आरोप पर आपकी क्या राय हैं

Aries Rashifal
मेष
taurus Rashifal
वृषभ
gemini Rashifal
मिथुन
cancer Rashifal
कर्क
leo Rashifal
सिंह
virgo Rashifal
कन्या
libra Rashifal
तुला
scorpion Rashifal
वृश्चिक
sagittarius Rashifal
धनु
capricorn Rashifal
मकर
aquarius Rashifal
कुंभ
pisces Rashifal
मीन
Advertisement Box

और भी पढ़ें