जयपुर: प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पर भी पुलिस ने वॉटर कैनन चलाई. पुलिस ने कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी और प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों में बैठाकर आगे ले जाकर छोड़ दिया गया.
कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की: वहीं प्रदर्शन से पहले एनएसयूआई ने शहीद स्मारक पर सभा का आयोजन किया. जिसे सचिन पायलट, मुकेश भाकर, ललित यादव, अभिमन्यु पूनिया, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सहित कई अन्य नेताओं ने संबोधित किया. पुलिस ने शहीद स्मारक पर ही त्रिस्तरीय बैरिकेट्स लगाकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को वहीं रोक दिया था. एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बैरिकेट्स तोड़ने का प्रयास किया. इस दौरान करीब आधे घंटे तक पुलिस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की होती रही. इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और जब कार्यकर्ता नहीं हटे, तो फिर हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. इससे कई कार्यकर्ताओं को चोट आई, तो कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.
समर्थकों के कंधे पर चढ़कर बैरिकेड तक पहुंचे पायलट: वहीं सचिन पायलट भी एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के कंधे पर चढ़कर बैरिकेट्स तक पहुंचे. जहां पर पुलिस ने पायलट पर भी वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. करीब 5 मिनट तक पायलट भी वाटर का कैनन के पानी में भीगते रहे. पायलट पर वाटर कैनन का इस्तेमाल होने से कार्यकर्ता और उग्र हो गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने लगे. इस दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें उठाकर बसों में बैठाया.
भाकर बोले-मेरे साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार: पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के दौरान लाडनूं से दूसरी बार कांग्रेस विधायक चुने गए मुकेश भाकर के कपड़े फट गए और वे जमीन पर गिर गए. जिससे उनके सिर में भी चोट आई थी. वह काफी देर तक जमीन पर पड़े रहे और पुलिस उन्हें उठाकर बस तक लेकर आई. इस दौरान भाकर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए. पुलिस ने उनके साथ आतंकवादी जैसा सलूक किया. यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है.
पुलिस ने कहा, ‘केवल धरने की इजाजत थी’: इस मामले में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर रामेश्वर सिंह का कहना है कि केवल धरने की परमिशन दी गई थी, लेकिन बेवजह यह लोग प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस ने कोई लाठी चार्ज नहीं किया न ही किसी के साथ मारपीट की. उन्होंने कहा कि करीब 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है. अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगे. बार-बार माइक से भी पुलिस की ओर से एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से अपील की जा रही थी कि वह अपने-अपने घरों को लौट जाएं.
‘चुनाव नहीं कराने का कारण बताए सरकार’: इससे पहले सभा को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि सरकार छात्रसंघ चुनाव नहीं करने के पीछे का कारण स्पष्ट करे. यह सरकार चुनाव पर रोक लगाकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. चुनाव होंगे तो भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी के युवाओं को भी मौका मिलेगा. इस सरकार में सब दिल्ली के इशारे पर चल रहा है. पायलट ने कहा कि जिस तरह दिल्ली में विपक्ष की आवाज दबाने के लिए उनको बोलने नहीं दिया जाता है, संसद में उनके माइक बंद कर दिए जाते हैं, इसी तरह से राजस्थान में भी युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है.
डोटासरा, हरीश चौधरी का नहीं आना चर्चा का विषय: वहीं इस प्रदर्शन में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी का नहीं आना चर्चा का विषय बना रहा. पहले एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की ओर से कहा गया था कि डोटासरा और हरीश चौधरी भी इस प्रदर्शन में शामिल होंगे. उन्होंने इसके लिए हामी भी भर दी थी, लेकिन अचानक दोनों ही नेता इस प्रोग्राम में शामिल नहीं हुए.




















