जयपुर. राजस्थान रोडवेज की बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. यात्राओं की सुरक्षा और बस परिचालकों द्वारा फ्री में यात्रा कराने को ध्यान में रखते हुए रोडवेज बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. ये सीसीटीवी कैमरे बसों में यात्रियों की गिनती भी कर सकेंगे. इससे बिना टिकट यात्रा कराने वाले परिचालकों पर कार्रवाई की जाएगी. पायलट प्रोजेक्ट के तहत तीन कंपनियां बसों में सीसीटीवी कैमरों का डेमो दे रही हैं. इसके सफल होने के बाद सभी आगारों की बसों में कैमरे लगाए जाएंगे.
पहले चरण में डीलक्स आगार की बसों में कैमरे लगाए जाएंगे. राजस्थान रोडवेज की बसों में बिना टिकट यात्रा कराने वाले परिचालकों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसके अलावा बसों में चोरी जैसी घटनाएं भी बढ़ रही हैं. इस पर रोक लगाने के लिए रोडवेज प्रशासन बसों में यात्रियों की गिनती के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने जा रहा है. इससे बिना टिकट यात्रा के मामलों पर रोक लगेगी और चोरी की घटनाओं में भी कमी आएगी.
राजस्थान रोडवेज की सभी बसों में GPS लगे
रोडवेज की ओर से बिना टिकट यात्रा कराने वाले परिचालकों पर कार्रवाई के लिए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जाता है, जिसमें मुख्य प्रबंधक, टीआई, एटीआई व अन्य अधिकारियों को रोडवेज के वाहन देकर भेजा जाता है, जिससे लाखों रुपए का डीजल खर्च होता है. इन कैमरों के लगने के बाद मुख्यालय में ऑनलाइन ही मॉनिटरिंग हो सकेगी. इससे फ्लाइंग टीम का काम कम होगा और डीजल की बचत होगी. वर्तमान में राजस्थान रोडवेज की सभी बसों में जीपीएस सिस्टम लगे हुए हैं, जिन्हें पुलिस कंट्रोल रूम और रोडवेज मुख्यालय से जोड़ा गया है.
रोडवेज की ओर से बिना टिकट यात्रा कराने वाले परिचालकों पर कार्रवाई के लिए प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जाता है, जिसमें मुख्य प्रबंधक, टीआई, एटीआई व अन्य अधिकारियों को रोडवेज के वाहन देकर भेजा जाता है, जिससे लाखों रुपए का डीजल खर्च होता है. इन कैमरों के लगने के बाद मुख्यालय में ऑनलाइन ही मॉनिटरिंग हो सकेगी. इससे फ्लाइंग टीम का काम कम होगा और डीजल की बचत होगी. वर्तमान में राजस्थान रोडवेज की सभी बसों में जीपीएस सिस्टम लगे हुए हैं, जिन्हें पुलिस कंट्रोल रूम और रोडवेज मुख्यालय से जोड़ा गया है.
एक बस में दो सीसीटीवी कैमरे
रोडवेज प्रशासन को ब्रहस्पति, मेट्रिक्स और रोड कास्ट कंपनियों की ओर से एक बस में दो सीसीटीवी कैमरे लगाकर डेमो दिया जा रहा है. इन कैमरों को इलेक्ट्रॉनिक टिकट इश्यू मशीन (ईटीआईएम) और रोडवेज मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा. इससे बसों में यात्रियों की संख्या और कितने यात्रियों के टिकट काटे गए यह मुख्यालय में बैठे अधिकारी देख सकेंगे. टिकट और यात्रियों की संख्या में गड़बड़ी पाए जाने पर परिचालक पर कार्रवाई होगी. इन कैमरों के लगने से महिला यात्रियों की सुरक्षा के साथ ही चोरी भी रूकेगी.
रोडवेज प्रशासन को ब्रहस्पति, मेट्रिक्स और रोड कास्ट कंपनियों की ओर से एक बस में दो सीसीटीवी कैमरे लगाकर डेमो दिया जा रहा है. इन कैमरों को इलेक्ट्रॉनिक टिकट इश्यू मशीन (ईटीआईएम) और रोडवेज मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा. इससे बसों में यात्रियों की संख्या और कितने यात्रियों के टिकट काटे गए यह मुख्यालय में बैठे अधिकारी देख सकेंगे. टिकट और यात्रियों की संख्या में गड़बड़ी पाए जाने पर परिचालक पर कार्रवाई होगी. इन कैमरों के लगने से महिला यात्रियों की सुरक्षा के साथ ही चोरी भी रूकेगी.




















