चिड़ावा (झुंझुनू): चिड़ावा तहसील के समीप स्थित नारी गांव में अवैध खनन के कारण एक पहाड़ का हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे गांव में दहशत फैल गई. ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से अवैध खनन रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है.
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार कमलदीप पूनिया, पटवारी तमन्ना, जिला परिषद सदस्य नरेंद्र और सरपंच प्रतिनिधि आशीष सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. ग्रामीणों द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि नारी गांव में पिछले 12 सालों से अवैध खनन का कार्य चल रहा है, जिसके कारण पहाड़ों में दरारें आ गई हैं. इसी वजह से बुधवार को पहाड़ का एक हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा. गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई.
हालांकि, ग्रामीणों ने बताया कि जहां पहाड़ का हिस्सा गिरा है, उसके पास ही सरकारी स्कूल है. पहाड़ गिरने से स्कूल भवन को भी खतरा पैदा हो गया है, जिससे छात्रों और शिक्षकों में भय का माहौल है. इसके अलावा, अवैध खनन के कारण क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों को सांस लेने में दिक्कतें आ रही है. शिकायती पत्र में यह भी कहा गया है कि अवैध खननकर्ता रात के समय चोरी-छिपे खनन का काम करते हैं, जिससे रात में तेज आवाजें आती हैं और लोग ठीक से सो भी नहीं पाते हैं. इन खनन माफियाओं के खिलाफ कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीणों ने अब प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध खनन को तुरंत बंद कराया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.
मौके पर पहुंचे तहसीलदार कमलदीप पूनिया ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने अवैध खनन रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात भी कही. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करेंगे. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री तक से भी शिकायत करेंगे. यह घटना क्षेत्र में अवैध खनन के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है.




















