जयपुर: जिले के दूदू क्षेत्र में उदयपुरिया गांव निवासी गणेश चौधरी ने अपनी गुमशुदा बेटी के नहीं मिलने के चलते आत्महत्या कर ली. आरोप है कि बेटी के गुमशुदा होने की शिकायत गणेश ने पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. परिजनों और ग्रामीणों ने लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और बच्ची को दस्तयाब करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है. हालांकि पुलिस-प्रशासन के अधिकारी समझाइश में लगे हैं.
मामले की सूचना मिलते ही दूदू थाना अधिकारी मुकेश कुमार, दूदू एडीएम गोपाल परिहार, एएसपी शिवलाल बैरवा, सीओ दीपक खंडेलवाल भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने धरने पर बैठे परिजनों और ग्रामीणों से समझाइश की, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर पड़े रहे और शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया. एसपी शिवलाल बैरवा ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची. ग्रामीणों से शव का पोस्टमार्टम कराने की अपील की. लेकिन ग्रामीण शव रखकर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.
तीन माह पूर्व गुमशुदा हुई थी बेटी: आत्महत्या के मामले में धरने पर बैठे कमलेश रोज ने बताया कि मृतक गणेश चौधरी की बेटी तीन महीने पहले गुमशुदा हो गई थी. इसकी शिकायत उसके पिता गणेश चौधरी ने दूदू पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी पुलिस बेटी का कोई सुराग नहीं लगा पाई. उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक द्वारा पुलिस थाने में गुमशुदा बेटी के बारे में जानकारी मांगने पर पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया. जिससे आहत होकर पिता ने आत्महत्या कर ली.
सांसद बेनीवाल ने कहा-सिस्टम की प्रताड़ना से हुई आत्महत्या: गणेश चौधरी आत्महत्या मामले में सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और मामले की जांच करने की मांग की. साथ ही भजनलाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. सांसद बेनीवाल ने सिस्टम की प्रताड़ना के चलते गणेश चौधरी के द्वारा आत्महत्या करने के आरोप लगाए हैं. सांसद ने मामले में आईजी और जयपुर ग्रामीण एसपी से दूरभाष पर बात की है. वहीं मृतक गणेश चौधरी के प्रति संवेदना व्यक्त की है.




















