बूंदी: जिले में मानसून फिर सक्रिय हुआ. बीते 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है. जिले की नदी, तालाब और नाले उफान पर हैं. कई कस्बे व गांवों का संपर्क कट गया. जिले के बड़े बांधों में शुमार गुढ़ा बांध में लगातार पानी की आवक के चलते सोमवार सुबह 18 गेट खोलने पड़े. इससे 56 हजार क्यूसेक पानी निकाला जाएगा. उधर, उफनी घोड़ा पछाड़ नदी ने नमाना-बूंदी और बरूधन-कोटा मार्ग बंद करा दिया. हिंडोली के पगारा गांव का राजपूतों का तालाब ओवरफ्लो होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया. मेज नदी में उफान ने बूंदी-लाखेरी मार्ग अवरुद्ध हो गया.
गुढ़ा बांध के कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार कसाना ने बताया कि बांध में भराव क्षमता से एक फीट ज्यादा पानी भर गया. सुबह ऑटोमैटिक स्काडा सिस्टम से बांध के 18 गेट खोले. प्रशासन गुढ़ा बांध के 30 गेटों पर नजर रखे है. बीते 24 घंटे से बांध में लगातार आ रहे पानी को देखते मेज नदी के आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया. हिंडोली प्रशासन ने डूब क्षेत्र में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. उपखंड से लाखेरी तक के कई गांवों में जलभराव और बाढ़ के हालत की आशंका है.
अभी 35.20 फीट पानी: गुढ़ा बांध जुलाई में ही लबालब हो गया. इसकी भराव क्षमता 34.50 फीट है, जबकि अभी 35.20 फीट आवक हुई है. बांध में पानी बढ़ने पर और गेट खोले जा सकते हैं. उधर जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने मेज नदी के डूब क्षेत्र से उचित दूरी बनाकर रखने की एडवायजरी जारी की. बांध से पानी की निकासी के बाद मेज नदी का जलस्तर बढ़ेगा, जिसका असर लाखेरी उपखंड के अंतिम छोर के गांवों तक पड़ेगा. बाढ़ नियंत्रण प्रभारी सत्यभान शर्मा ने बताया कि जलभराव की स्थिति को भांपते एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस टीम के साथ पटवारी, ग्राम सेवक व पंचायत कर्मचारियों को मुस्तैद रखा है. पिछले 24 घंटों के भीतर बूंदी तहसील में 42 एमएम बारिश दर्ज की गई. तालेड़ा में 11, के.पाटन में 24, इंद्रगढ़ में 9, नैनवां में 22, हिंडोली में 91 एवं रायथल तहसील में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई.
क्या है स्काडा सिस्टम: स्कॉडा सिस्टम के तहत बांध का पूरा सिस्टम ऑटोमैटिक है. इससे बूंदी में बैठे अधिकारियों को भी पता चल जाता है कि बरसात में बांध में किस ओर से कितना पानी आ रहा है. नहरों में कितना पानी छोड़ा है. स्काडा सिस्टम बांध के समीप दो मंजिला इमारत में संचालित है. ऊपरी मंजिल पर एलईडी पैनल लगा है. इसमें खास बात है कि बांध के 30 गेटों पर 30 बुलेट कैमरे लगे है, जो कंट्रोल रूम से जुड़े हैं. कंट्रोल रूम से बांध के हर गेट की अलग-अलग मॉनिटरिंग हो रही है.
जिले के बड़े बांधों का वर्तमान जल स्तर (बांध का जलस्तर फीट में)
| गुढ़ा बांध | 34.50 | 35.20 |
| गरडदा बांध | 62.00 | 62.65 |
| बरधा बांध | 21.00 | 22.00 |
| बूंदी का गोठड़ा | 24.50 | 26.00 |
| दुगारी बांध | 10.00 | 10.80 |
| चाकन बांध | 17.06 | 17.80 |
| भीमलत बांध | 36.00 | 36.80 |
| पाईबालापुरा बांध | 25.00 | 25.25 |
| अभयपुरा बांध | 26.25 | 28.20 |
| बडानया गांव बांध | 14.76 | 15.09 |
| इन्द्राणी बांध | 18.00 | 18.20 |
| माछली बांध | 13.00 | 13.40 |
| रोनीजा बांध | 24.00 | 26.00 |
| बंसोली बांध | 9.00 | 9.70 |
| बटावदी बांध | 10.00 | 10.50 |
| मोतीपुरा बांध | 17.00 | 17.20 |
| मरडिया बांध | 18.04 | 19.04 |
| चांदा का तालाब बांध | 21.50 | 24.00 |
| नारायणपुरा बांध | 29.84 | 28.84 |
| पेंच की बावड़ी बांध | 18.00 | 10.30 |
| बांकिया खाल बांध | 12.50 | 4.60 |
| मेंडी बांध | 10.50 | 6.50 |
| सथूर माताजी बांध | 13.45 | 3.00 |




















