जयपुर: वर्षों से पहचान के लिए संघर्ष कर रहे पाक विस्थापितों के चेहरे आज खिल उठे. गुरुवार को राजधानी जयपुर में भारत की नागरिकता मिलते ही पाक विस्थापितों का बरसों का इंतजार खत्म हो गया. जिला प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने 10 पाक विस्थापितों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे. भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र मिलते ही पाक विस्थापितों की आंखों से खुशी के आंसू छलक गए. जिला प्रशासन अब तक 340 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता सौंप चुका है.
गुरुवार को जयपुर के सिविल लाइंस स्थित प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल के आवास पर भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया. इस मौके पर 10 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे गए. यह पूरी प्रक्रिया भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत जयपुर जिला प्रशासन की ओर से पूरी की गई. नागरिक प्रमाण पत्र वितरण समारोह में राजस्थान जीव जंतु बोर्ड कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई, जिला कलक्टर डॉ जितेन्द्र कुमार सोनी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (दक्षिण) संतोष मीणा सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे. भारतीय नागरिकता मिलने के बाद पाक विस्थापितों को न सिर्फ एक वैधानिक पहचान मिली, बल्कि एक नया आत्मविश्वास भी मिला.
इन्हें मिली भारतीय नागरिकता: जिला प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने गुरुवार को आयोजित समारोह में 10 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र सौंपा. मंत्री जोगाराम पटेल ने संगीता, हरिचंद, चमेली बाई, मुकेश कुमार, कलियां देवी, कंवर लाल, संतोष कुमार, सुनित कुमार, राजकुमारी और खिआना माहेश्वरी को नागरिता प्रमाण पत्र सौंपे. जिला प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना में जयपुर जिला प्रशासन पाक विस्थापितों को नियम और पात्रता अनुसार भारतीय नागरिकता प्रदान कर रहा है.
पाकिस्तान में हिंदुओं को नहीं है किसी तरह का अधिकार: मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में 23 दिसंबर, 2016 से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदुओं को विस्थापित होकर भारत आने पर भारतीय नागरिकता दी जा रही है. इसी अधिकार के तहत पाकिस्तान से विस्थापित होकर जयपुर आए पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता दी गई है. पाकिस्तान में हिंदुओं को किसी तरह के अधिकार नहीं थे. पाकिस्तान में हिंदू बहनें सुरक्षित नहीं थी. भारतीय नागरिकता प्राप्त कर अब ये लोग विधिवत रूप से इस महान राष्ट्र का अभिन्न हिस्सा बन गए.
अनाधिकृत रूप से रहने वालो को वापस भेजा जाएगा: मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि जो भारतीय नागरिक नहीं है और अनाधिकृत रूप से भारत में प्रवेश कर के रह रहे हैं. राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों में आकर बस गए हैं, यहां आकर गलत गतिविधियां कर रहे हैं. ऐसे लोगों को जिस देश से अनधिकृत रूप से आए हैं, वापस उसी देश में भेजा जाएगा. पश्चिम बंगाल में जब इस चीज का रिवीजन हुआ, तो पता लगा कि बड़ी संख्या में लाखों लोग अनाधिकृत रूप से राज्य की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा कर रह रहे हैं. राजनीतिक लाभ लेने के लिए कुछ राजनीतिक दल अपने वोट बैंक बनाने के लिए भारतीय संविधान के विपरीत ऐसे लोगों का वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा देते हैं. राजस्थान में भी इसकी छंटनी हो रही है. रिवीजन किया जा रहा है. वास्तविक मतदाता रहना चाहिए और जो अनाधिकृत रूप से रह रहे हैं, उनका वोटर लिस्ट में नाम नहीं रहना चाहिए.
पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ होता था गलत व्यवहार: वर्षों बाद नागरिकता प्रमाण पत्र मिलने पर पाक विस्थापितों ने कहा कि बरसों की बेमुल्क जिंदगी के बाद अब हमें अपनी मिट्टी से कानूनी पहचान मिली है. आज कई सालों का लंबा इंतजार खत्म हुआ है और आज हम फक्र के साथ कह सकते हैं कि हम भारतीय हैं. उन्होंने कहा कि नागरिकता का प्रमाण नहीं होने के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा था. अब सरकारी योजनाओं की मदद से वे अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर तरीके से कर पाएंगे. पाक विस्थापितों ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था. कानून की तरफ से भी कोई सहायता नहीं मिलती थी. खाने पीने की भी समस्या रहती थी. रात के 8 बजे बाद बाहर नहीं निकाल पाते थे.
कुल 340 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता: जयपुर जिला कलेक्टर डॉ जितेन्द्र कुमार सोनी के मुताबिक जयपुर जिला प्रशासन की ओर से भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की विभिन्न धाराओं के तहत पात्रता प्राप्त करने और विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद अब तक कुल 340 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किये गए हैं.




















