कोटा: मिस ग्रैंड इंडिया चुने जाने के बाद अपने शहर पहुंची विशाखा कंवर ने अपना ताज कोटा को समर्पित किया. विशाखा का भव्य स्वागत किया गया. मिस ग्रैंड इंडिया विशाखा ने अपनी कामयाबी के लिए कोटावासियों का आभार जताया और कहा कि गर्व फील हो रहा है कि कोटा के लिए ताज लाई हूं. यह कोटा ही नहीं, पूरे राजस्थान के लिए गर्व की बात है. अब ‘मैं भारत को रिप्रेजेंट करूंगी. मेरा सपना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को ताज दिलाऊं. इसके लिए कड़ी मेहनत कर रही हूं. फिलहाल खुद को आसमान में पा रही हूं’.
मिस ग्रैंड इंडिया विशाखा कंवर ने कहा कि बाहरी सुंदरता से ज्यादा दिल से अच्छे होना अहम है. आपका लक्ष्य होना चाहिए कि आमजन या दूसरे के लिए क्या अच्छा कर सकते हैं. किसी कम्पीटिशन में जीतने के बाद केवल खुद के लिए ही काम नहीं करें, बल्कि आपकी जीत का फायदा दूसरों को भी मिलना चाहिए. विशाखा बोलीं, कोटा की मिट्टी के अनुशासन, आत्मबल और शिक्षा ने उसे इस मुकाम पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है. जेडीबी से ग्रेजुएशन करने वाली विशाखा कोटा के शिवपुरा की निवासी हैं. उन्होंने कहा कि कोटा की बेटियां अब सिर्फ मेडिकल और इंजीनियरिंग में ही नहीं, ग्लैमर की दुनिया में भी चमकेंगी. इसके लिए पहले से अधिक मेहनत और विश्वास के साथ प्रतियोगिता की तैयारी कर रही हैं.
जयपुर में हुई प्रतियोगिता: मालूम हो, मिस ग्रैंड इंडिया 2025 जयपुर में 4 से 14 जुलाई तक हुई. इसमें विभिन्न राज्यों से चुनी 28 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. इसमें विजेता विशाखा कंवर अब इसी अक्टूबर में थाईलैंड में मिस ग्रैंड इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी.
कितने मददगार, यह अहम: विशाखा ने कहा कि अभी विनर बने एक सप्ताह ही हुआ है. ‘लोगों की मदद कैसे कर सकती हूं, इस पर विचार कर रही हूं. मिस ग्रैंड कम्पीटिशन में सभी प्रतिभागी काफी अच्छी थी.काफी मेहनत करनी पड़ी. ब्यूटी के संबंध में विशाखा बोलीं, भीतरी सुंदरता भी जरूरी है. दूसरों से व्यवहार, बातचीत का तरीका, दयालुता और मददगार कितने हैं, यह ज्यादा जरूरी है. ग्लैमर सिर्फ फैशन नहीं, आत्मबल व आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति है. भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी हैं. समय आ गया कि ग्लैमर की दुनिया में भी हम नेतृत्व करें. महिलाओं को आसमान छूने की फ्रीडम मिलनी चाहिए’.
100 देशों में मुकाबला: विशाखा ने कहा कि ‘मिस इंटरनेशनल ग्रैंड में अपनी जी जान लगाकर मेहनत करूंगी ताकि भारत को गर्व के पल दिला सकूं. ताज लाना मेरा लक्ष्य है. कोटा ने मुझे काफी वोट और सपोर्ट किया. परिवार ने भी मदद की. अब आगे 100 देशों के प्रतिभागियों से मुकाबला है’.
तनाव से तौबा करो: विशाखा ने कहा कि हर काम तनावमुक्त होकर करना चाहिए. अपने गोल पर फोकस करें. बार-बार ट्राई करते रहें. हारते हैं तो भी ट्राई कीजिए. विशाखा बीते 8 माह से मुंबई में प्रोफेशनल ट्रेनिंग ले रही थीं. उन्होंने पहले फेमिना मिस इंडिया में भाग लिया था, लेकिन अनुभव की कमी के कारण चयनित नहीं हो सकीं. उस हार ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि निखारा. उन्होंने कहा कि ‘मैंने सीखा है कि हार ही सफलता का पहला अध्याय होती है’.




















