अजमेर: जिले के केकड़ी क्षेत्र के मेवदा कला गांव के लिए सरसों तेल की फैक्ट्री से निकलने वाला रसायन खतरा बनता जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री का रसायन गांव के तालाब में घुल रहा है और तालाब का पानी दूषित हो गया है. इस रासायनिक पानी से फसलें खराब हो रही है. पशु भी मर रहे हैं. ग्रामीणों ने केकड़ी के उपखंड अधिकारी सुभाषचंद्र हेमानी से जल प्रदूषण रोकने और फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
ग्रामीण रमेश ने बताया कि मेवदा कला में काला भाटा महादेव मंदिर के पास सरसों का तेल बनाने की फैक्ट्री है. इसका सारा अपशिष्ट नया तालाब से होते गांव के तालाब में जा रहा है. गांव के तालाब में ग्रामीण स्नान करते हैं. पशु पानी पीते हैं. नया तालाब से खेतों में सिंचाई होती है. तालाब का पानी बिल्कुल काला हो चुका है. इससे फसल ही नहीं, बल्कि चारा भी बर्बाद हो रहा है. गर्मियों में पानी तालाब में कम हो गया था, तब पानी पीने से कई भैंस और गाय बीमार होकर मर गईं. ग्रामीण को इस पानी से नहाने से चर्म रोग की शिकायतें आने लगी है. फैक्ट्री से निकलने वाला रसायन तालाब के पानी को दूषित कर रहा है. ग्रामीणों ने पुलिस उपाधीक्षक से फैक्ट्री मालिक के खिलाफ शिकायत की है.




















