अजमेर: पुष्कर में कुई खोद रहे श्रमिक की मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया. आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते राज्य के मुख्य सचिव और अजमेर पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया व विस्तृत रिपोर्ट मांगी. साथ ही मृतक के परिवार को यदि मुआवजा दिया है तो उस बारे में भी बताने के निर्देश दिए. 14 जुलाई को कुईनुमा गहरा गड्ढा करते समय मिट्टी धंसने से एक श्रमिक 30 फीट के गड्ढे में समा गया व 3 घंटे के रेस्क्यू के बाद उसे निकाला गया, तब तक दम तोड़ चुका था.
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने श्रमिक की मिट्टी धंसने से हुई मौत के मामले को गंभीर माना. इस प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट मुख्य सचिव और अजमेर एसपी से मांगी. आयोग ने नोटिस में कहा है कि यदि मृतक के आश्रितों को अब तक कोई मुआवजा दिया है तो रिपोर्ट में जिक्र करें.
यह था मामला: श्रमिक को बिना सुरक्षा उपकरण के कुई में उतारा गया था. ऊपर कुछ श्रमिक और थे कि अचानक कुई के भीतर मिट्टी धंस गई. नीचे उतरा श्रमिक 30 फीट नीचे मिट्टी में दब गया. वहां अफरातफरी मच गई. सूचना पर जेसीबी से मिट्टी हटाने का कार्य शुरू किया गया. सिविल डिफेंस की टीम भी बुलाई. करीब 3 घंटे रेस्क्यू कार्य चला तो मलबे से श्रमिक शंकर कुमावत का शव निकाला गया. इसके बाद पुष्कर एसडीएम गौरव मित्तल ने भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए पंचायत स्तर पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि आयुष्मान योजना के तहत दुर्घटना बीमा में मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए दिलाने का प्रयास करेंगे.




















