धौलपुर: जिले से गुजर रही चंबल नदी के जल स्तर में भारी गिरावट देखने को मिली है. शुक्रवार रात्रि से लेकर शनिवार दोपहर तक चंबल का जल स्तर करीब 13 मीटर कम हो गया. खतरे के निशान से चंबल नदी महज तीन मीटर ऊपर बह रही है. हालांकि प्रशासन अलर्ट मोड पर है. उधर, बारिश थमने के बाद पार्वती बांध के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं, जिससे नदी का जल स्तर काफी कम हुआ है. हालांकि पिछले दिनों हुई तेज बारिश से खेतों में खड़ी किसानों की फसलें चौपट हो गई.
चंबल में आई बाढ़ ने जिले में भारी तबाही मचाई थी. राजाखेड़ा और सरमथुरा उपखंड के करीब दो दर्जन गांव पानी से घिर गए थे. बारिश थमने के बाद चंबल का जल स्तर भी कम होने लगा है. हाड़ौती क्षेत्र में हुई बारिश की वजह से चंबल नदी का जल स्तर खतरे के निशान 130.79 मीटर से बढ़कर 143 मीटर तक पहुंच गया था. जिससे चंबल नदी के पुराने पुल पर करीब तीन फीट पानी की चादर चल गई थी. दो दर्जन गांव पानी की चपेट में आ गए थे. हालात के मद्देनजर राहत और बचाव कार्य के लिए सेना भी बुलाई गई थी. सेना और एसडीआरएफ द्वारा बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रेस्क्यू कर पहुंचा दिया गया है.
जिले के प्रभारी गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, जिला कलेक्टर श्रीनिधि बी.टी, आईजी भरतपुर रेंज कैलाश चंद्र बिश्नोई एवं पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने हालात का जायजा लिया. जिला प्रभारी मंत्री ने आपदा में फंसे लोगों को हर संभव मदद करने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं, लेकिन शुक्रवार रात्रि को चंबल का पानी अचानक कम हो गया. करीब 13 मीटर पानी उतरने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है. यहां कई गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके थे, उनका भी पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है. जिला कलेक्टर श्रीनिधि बी.टी. ने बताया कि आपदा प्रबंधन की सभी टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. चंबल नदी के जल स्तर में काफी कमी आई है. जल संसाधन विभाग की टीम हर घंटे गेज का अपडेट ले रही है.
पार्वती बांध के गेट बंद: बारिश थमने के बाद जल संसाधन विभाग ने शुक्रवार शाम को पार्वती बांध के सभी गेट बंद कर दिए हैं. पार्वती बांध भराव क्षमता को लगभग पूरा कर चुका है. पार्वती बांध से नदी में पानी रिलीज किए जाने के कारण करीब दो दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया था. सड़क मार्गों पर दो से तीन फीट पानी जमा हो गया था, लेकिन शुक्रवार रात्रि तक सभी सड़क मार्गों से पानी उतर चुका है और आवागमन सुचारू रूप से हो रहा है. जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता पपेंद्र मीणा ने बताया कि जिले में औसत 108% बारिश हो चुकी है. जिले के पार्वती बांध और उर्मिला सागर बांध भर चुके हैं.
खरीफ फसल बर्बाद: आसमानी आफत से सबसे ज्यादा परेशान किसान हुए हैं. खरीफ की बाजरा, दलहन, तिलहन, ग्वार, ज्वार, मक्का आदि फसलें बारिश की वजह से चौपट हो चुकी हैं. जिले के किसान प्रशासन से गिरदावरी करवाकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
पानी में बहे ट्रक के खलासी का शव मिला, चालक की तलाश: धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र में राडोली रपट पर शुक्रवार को ट्रक में सवार चार लोग तेज बहाव में बह गए थे. दो लोगों को उसी समय पर स्थानीय लोगों ने बचा लिया था, लेकिन केबिन में चालक और खलासी फंस गए थे. शनिवार को खलासी मुकेश का शव एसडीआरएफ ने निकाल लिया, जबकि ट्रक चालक राकेश की एसडीआरएफ टीम तलाश कर रही है. तहसीलदार देवेंद्र तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को रात होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था. शनिवार सुबह से ही एसडीआरएफ की टीम फिर से बचाव कार्य में जुट गई. दूसरे दिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीम ने ट्रक में सवार क्लीनर मुकेश के शव को बाहर निकाल लिया. अब ट्रक और ड्राइवर की तलाश की जा रही है.




















