जयपुर : प्रदेश में यात्रियों की सुरक्षा को अधिक मजबूत करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और इमरजेंसी पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं. लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के माध्यम से तेज रफ्तार और इंश्योरेंस वैधता की भी निगरानी रखी जाएगी. बस और टैक्सी को ट्रैकिंग डिवाइस इंस्टॉल करवाना होगा. हाईवे पर स्पीड लिमिट तोड़ने के साथ ही वाहन का इंश्योरेंस, टैक्स और परमिट नहीं होने पर ऑटोमेटिक चालान कटेगा. इमरजेंसी पैनिक बटन दबाते ही पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट मिलेगा, जिससे पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंचेगी. डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने सोमवार को परिवहन में VLTS (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम) कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन किया. परिवहन विभाग की शासन सचिव शुचि त्यागी समेत परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे.
राजस्थान के डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि परिवहन भवन में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम का शुभारंभ किया गया है. इस सिस्टम के माध्यम से सार्वजनिक सेवा के वाहनों की रियल टाइम निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की ओर से सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं. व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस दुपहिया वाहन, ई-रिक्शा और तिपहिया वाहन को छोड़कर सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में लगाया जाएगा.
महिलाओं और बच्चों को मिलेगी सहायता : प्रदेश में लगभग 2.5 लाख सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं. इन वाहनों में यात्रा करने वाले महिलाओं और बच्चों को आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध हो सकेगी. वाहन में यात्री की ओर से आपात स्थिति में पैनिक बटन के माध्यम सूचना दिए जाने पर आपात स्थिति का अलर्ट VLTD (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) बैकएंड के माध्यम से इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को वाहन की लाइव लोकेशन के साथ खुद भेजा जाएगा. VLTD बैकएंड पर डिवाइस के कार्यरत होने की सूचना VLTD निर्माता, वाहन स्वामी, संबंधित पंजीयन अधिकारी, प्रवर्तन दल की ओर से देखी जा सकेगी. प्रथम चरण में VLTD बैकएंड और कमांड कंट्रोल सेंटर पर राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में लगाए गए VLTD डिवाइस का एक्टिवेशन और मॉनिटरिंग की जा रही है.
राज्य के अन्य वाहनों में VLTD लगाने के लिए VLTD निर्माताओं के डिवाइस को बैकएंड पर ऑनबोर्ड करने, वाहन स्वामियों और पंजीयन अधिकारियों को डिवाइस के एक्टिवेशन से संबंधित कार्यों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं. पैनिक अलर्ट को इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर भेजने के लिए VLTD बैकएंड का एमेरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन किया गया है. सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए E-Detection System को लागू किया जा रहा है. सोमवार को E-Detection System पोर्टल का उद्घाटन किया गया.
दस्तावेज वैध नहीं होने पर चालान : E-Detection System के माध्यम से राज्य के टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की स्वचालित निगरानी की जाएगी. प्रदेश में करीब 145 टोल प्लाजा पर यह सिस्टम एक्टिव किया गया है. टोल प्लाजा से गुजरने वाले जिन वाहनों के दस्तावेज पंजीयन, बीमा, परमिट, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, टैक्स वैध नही पाए जाने पर उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम 1988 और सहपठित नियमों के अंतर्गत ऑटामेटिक चालान जारी कर दिया जाएगा. वाहन स्वामी को एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा. प्रथम चरण में ट्रांसपोर्ट श्रेणी के वाहनों के फिटनेस, इंश्योरेंस और पॉल्यूशन से संबंधित दस्तावेज वैध नहीं होने पर चालान जारी किए जाएंगे. इसके बाद नॉन-ट्रांसपोर्ट श्रेणी के वाहनों को भी इसमें शामिल किया जाएगा. पंजीयन, परमिट, टैक्स संबंधी दस्तावेज पूर्ण नहीं होने पर भी चालान जारी किए जाएंगे. यह प्रणाली शत प्रतिशत डिजिटल और पारदर्शी होगी. दस्तावेजों की अपूर्णता वाले वाहन खुद-ब-खुद चिह्नित हो कर उनका चालान स्वतः जारी होगा.
आपात स्थिति में 112 से तुरंत मिलेगी सहायता: कंट्रोल सेंटर डीटीओ दिलीप तिवाड़ी ने बताया कि लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और पैनिक बटन से यात्रियों की सुरक्षा होगी. इस डिवाइस के माध्यम से कमान एवं कंट्रोल सेंटर की ओर से वाहन की लाइव लोकेशन ट्रैक की जा सकती है. इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम के जरिए संचालित बटन से यात्रियों को आपात स्थिति में 112 की ओर से तुरंत सहायता प्रदान की जा सकेगी. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने विभाग की ई-डिटेक्शन एप्लीकेशन और हाइपोथीकेशन रिमूवल मॉड्यूल का भी उद्घाटन किया गया. सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में E-Detection System को लागू किया जा रहा है.




















