जयपुर: तकनीक के बढ़ते उपयोग के चलते अब सरकारी विभाग डिजिटाजेशन को बढ़ावा देने में जुटे हैं. इसी के तहत राजस्थान पुलिस ने राजकॉप सिटीजन ऐप पर लोस्ट आर्टिकल (lost article) का नया फीचर जोड़ा है. इससे कोई सामान खोने पर रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए थाने के चक्कर लगाने की दरकार नहीं होगी. एक क्लिक पर घर बैठे ही खोए हुए सामान की रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं. इसके साथ ही परिवादी अपनी रिपोर्ट का स्टेट्स भी ऑनलाइन देख पाएंगे.
एसपी (साइबर विंग) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि राजकॉप सिटीजन ऐप में लॉस्ट आर्टिकल का नया फीचर जोड़ा गया है. इससे अब बिना पुलिस थाने के चक्कर लगाए खोए हुए सामान की ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज की जा सकेगी.
नंबर-एसएसओ आईडी से होगा लॉगिन: उन्होंने बताया कि परिवादी को राजस्थान पुलिस का राजकॉप सिटीजन ऐप डाउनलोड कर अपने नंबर या एसएसओ आईडी से लॉगिन करना होगा. यहां उन्हें लॉस्ट आर्टिकल फीचर मिलेगा. कोई सामान खोने पर अपनी जानकारी और खोई हुई वस्तु का विवरण दर्ज कर शिकायत सब्मिट करनी होगी. इसके बाद यह शिकायत पुलिस तक पहुंच जाएगी. ऐसे में कोई वस्तु खोने पर रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
ट्रैक भी कर सकते हैं अपनी रिपोर्ट: ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद परिवादी को एक शिकायत पंजीकरण नंबर मिलेगा. इसके आधार पर परिवादी अपनी शिकायत को ट्रैक कर सकेगा. ऐसे में शिकायत का स्टेटस जानने के लिए भी पुलिसकर्मियों को कॉल करने या थाने के चक्कर लगाने की भी दरकार नहीं रहेगी. खोई हुई वस्तु मिलने पर लौटाने की प्रक्रिया भी पारदर्शी बनाई गई है. पहचान सुनिश्चित करने के बाद खोई हुई वस्तु वापस लौटाई जाएगी.
ऑनलाइन रिपोर्ट की यह है प्रक्रिया:
- राजकॉप सिटीजन ऐप पर अपने मोबाइल नंबर या एसएसओ आईडी से लॉगिन करना होगा.
- नागरिक सेवाओं के सेक्शन में खोया सामान का विकल्प चुनना होगा.
- एक आवेदन पत्र खुलेगा. इसमें व्यक्तिगत जानकारी और खोए हुए सामान की जानकारी दर्ज करनी होगी.
- अधिकतम 500 शब्द में परिवादी अपनी पूरी बात भी लिख सकते हैं.
- इस आवेदन को सब्मिट करने पर ऑनलाइन रिपोर्ट नंबर मिलेगा. जिसे भविष्य में उपयोग के लिए संभालकर रखना होगा.
ये फीचर भी हैं कारगर:
- पुलिस थाने के स्टाफ से लेकर पुलिस मुख्यालय तक के सभी अधिकारियों के नंबर भी इस पर मौजूद है.
- किराएदारों और नौकरों का पुलिस सत्यापन भी इस ऐप पर एक क्लिक पर किया जा सकता है.
- साइबर अपराध होने पर इसकी सूचना पुलिस तक पहुंचाने और रिपोर्ट दर्ज करवाने में भी यह एप मददगार है.
- पैनिक बटन की मदद से आपात स्थिति में तत्काल मदद हासिल की जा सकती है.
- इस ऐप पर परिवादी अपनी एफआईआर की प्रति भी डाउनलोड कर सकते हैं.




















