बूंदी: जिले में बीते 24 घंटों से बारिश पूरी तरह थमी हुई है, लेकिन इसके बावजूद जलाशयों में पानी की आवक लगातार बनी हुई है. खास बात यह है कि जिले के 23 बड़े बांधों में से 18 बांध पूरी तरह लबालब भर चुके हैं, जो पिछले कई वर्षों में एक अभूतपूर्व स्थिति मानी जा रही है. इस बार जून और जुलाई के मध्य हुई बारिश ने जिले की जलसंपदा को समृद्ध कर दिया है. आमतौर पर यह दृश्य अगस्त के अंतिम सप्ताह तक ही देखने को मिलता है, लेकिन इस बार बारिश ने समय से पहले ही सभी पुराने आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया.
यदि पिछले 10 वर्षों के मानसून पर नजर डालें, तो कभी ऐसा नहीं हुआ कि 15 जून से ही बारिश का सिलसिला आरंभ हो जाए और जुलाई के मध्य तक ही अधिकांश बड़े बांध भर जाएं. इस बार मानसून की शुरुआत के साथ ही इंद्र देव ने बूंदी जिले पर जमकर कृपा बरसाई. जल संसाधन विभाग के कनिष्ठ अभियंता धनराज मीणा ने बताया कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने न सिर्फ प्रमुख जलाशयों बल्कि उन छोटे तालाबों, पोखरों और नदियों को भी भर दिया है, जो सामान्यतः अगस्त के बाद पानी से लबालब होते थे. कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही, तो जल संग्रहण के मामले में यह मानसून बूंदी के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है.
बहे युवक का 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं: दुगारी से बांसी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद बने हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं. दुगारी बांध में अब भी करीब दो फीट की चादर चल रही है, जिससे लगातार पानी का बहाव दुगारी गांव की ओर बना हुआ है. इसी तेज बहाव में मोहन गोस्वामी नामक युवक बह गया था. घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन प्रशासन और बचाव दल को अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. ग्रामीणों के साथ मिलकर स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन दल उसकी तलाश में जुटे हुए हैं.
बांसी-दुगारी में 24 घंटे बाद भी राहत के इंतजार में लोग: जिले के बांसी-दुगारी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति अब भी भयावह बनी हुई है. दुगारी और बांसी कस्बों में बीते 24 घंटे से लोग घरों में दुबके बैठे हैं. सड़कों पर अब भी तीन से चार फीट पानी बह रहा है. बाढ़ के कारण लोगों के सामने खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई है. कई घरों में पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है. जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है.
इधर, बांसी कस्बे में जलभराव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है. रास्ते बंद होने और गाड़ियों के नहीं चल पाने से एक गंभीर स्थिति उस समय पैदा हो गई जब एक गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ गई. हालात को देखते हुए ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन की सहायता से महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर इलाज मिलने से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.




















