जयपुर: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. 30 जुलाई को पूर्वी राजस्थान के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी वर्षा दर्ज की गई. वहीं, पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की वर्षा हुई. सबसे अधिक बारिश सवाई माधोपुर के खंडार में 230.0 मिमी रिकॉर्ड की गई. मौसम विभाग के अनुसार, 31 जुलाई को उदयपुर, भरतपुर, जयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में भारी से अतिभारी वर्षा, जबकि बीकानेर संभाग में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
कई जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी: राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 40.3 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान टोंक में 23.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. विभाग के अनुसार, 1 अगस्त से राज्य में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी, हालांकि कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रह सकता है. जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश और पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक सक्रिय परिसंचरण तंत्र बना हुआ है. जिसके चलते कोटा, अजमेर और जयपुर संभाग के जिलों में बुधवार भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है. साथ ही, भरतपुर, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश के आसार हैं.
कल भी होगी झमाझम: 31 जुलाई को भी अजमेर, जयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के हिस्सों में भारी से अतिभारी वर्षा, जबकि कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग में मध्यम से भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है. 1 अगस्त से दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश से राहत मिलने की संभावना है. हालांकि शेखावाटी क्षेत्र और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. 2 अगस्त से राज्य के अधिकांश भागों में भारी बारिश से राहत मिलने और केवल कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने संबंधित जिलों में सतर्कता बरतने की अपील की है.
खंडार में सर्वाधिक बारिश: बीते 24 घंटे के दौरान पूर्वी राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में जमकर बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक वर्षा सवाई माधोपुर जिले के खंडार में 23 सेंटीमीटर रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा मलारना डूंगर में 22 सेमी, सवाई माधोपुर शहर में 21 सेमी और चौथ का बरवाड़ा में 19 सेमी बारिश हुई. बारां, कोटा, टोंक, बूंदी, झालावाड़, करौली, धौलपुर, अलवर, दौसा, जयपुर और भरतपुर जिलों के कई क्षेत्रों में 1 सेमी से लेकर 17 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई. पश्चिमी राजस्थान में अधिकतर स्थानों पर बारिश नगण्य रही या बिल्कुल नहीं हुई. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में और बारिश की संभावना बनी हुई है.
14 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश: मौसम विभाग के मुताबिक इस बार जुलाई महीने में ही 14 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है. खास तौर पर हाडौती अंचल में इस दफा मेघ मेहरबान रहे हैं. वहीं टोंक और सवाईमाधोपुर में भी जमकर बारिश हुई है. राजस्थान में 29 जुलाई तक औसत 202.51 मिमी की तुलना में 374.58 मिमी बारिश हो चुकी है. यह 84.96 फीसदी अधिक है. वहीं, मानसून सीजन 30 सितंबर तक माना जाता है. अब तक 27 जिलों में सामान्य और 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है. गौरतलब है कि सीजन में राजस्थान में कुल 424.71 मिमी बारिश होती है. अगर इसी तरह बारिश होती रही, तो राजस्थान में अगस्त में ही सीजन की बारिश का कोटा पूरा हो जाएगा.
प्रदेश के इन जिलों में औसत से ज्यादा बारिश:
| जिला | औसत बारिश | अब तक बारिश |
| बारां | 828.57 | 984.03 |
| कोटा | 726.81 | 759.50 |
| बूंदी | 632.98 | 631.33 |
| टोंक | 577.48 | 666.33 |
| सवाई माधोपुर | 647.38 | 646.13 |
| धौलपुर | 564.52 | 657.88 |
| पाली | 490.35 | 563.68 |
| ब्यावर | 453.13 | 554.23 |
| अजमेर | 438.91 | 540.54 |
| सीकर | 409.83 | 434.44 |
| डीडवाना | 375.25 | 452.38 |
| नागौर | 363.27 | 387.56 |
| जोधपुर | 319.68 | 369.89 |
| बालोतरा | 285.11 | 281.67 |
बहरोड़ शहर हुआ जलमग्न: बहरोड़ जिले में प्रशासन की ओर से मानसून पूर्व सफाई अभियान को लेकर लाखों रुपए खर्च किए गए. लेकिन सफाई व्यवस्था की पोल मानूसन की पहली बारिश में ही खुलती नजर आई. नगर परिषद क्षेत्र बहरोड़ के मुख्य बस स्टैंड, राठौड़ चौक, उपखंड कार्यालय, पुराना बस स्टैंड सहित पूरा शहर गंदे पानी से लबालब हो गया. शहर के मुख्य मार्ग सहित हाइवे की सर्विस लाइन नदी के रूप में तब्दील हो गई.
टैंकरों से पानी निकाल रहे बाहर: मानसून पूर्व जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित मीटिंग में सभी विभाग के अधिकारियों को नालों की सफाई और जल निकासी के स्पष्ट निर्देश दिए थे. लेकिन कलेक्टर के निर्देश जिला कलेक्ट्रेट सभागार तक ही सीमित रहे. बहरोड़ उपखड़ अधिकारी रामकिशोर मीणा ने बताया कि बुधवार सुबह हुई बारिश से शहर जलमग्न हो गया था. नगर परिषद के कमिश्नर को निर्देश दिए हैं जो टैंकरों से कस्बे में भरे पानी को निकालने में लगे हुए हैं. शहर में पानी की निकासी नहीं होने से दिक्कत आ रही है, लेकिन जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा.




















