अलवर: स्वच्छता के मामले में अलवर ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25’ के नतीजों में 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में अलवर नगर निगम को देश में 54वीं और राजस्थान में चौथा स्थान मिला है. खास बात यह है कि अलवर ने इस बार राजधानी जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे बड़े शहरों को पीछे छोड़ते हुए 310 पायदान की ऐतिहासिक छलांग लगाई है. पिछले साल अलवर का रैंक 364वां था, जो इस बार 54वें स्थान पर पहुंच गया.
नगर निगम आयुक्त जितेंद्र सिंह नरूका ने बताया कि 4539 शहरी निकायों में अलवर ने 54वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता पाई है. उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में अलवर की रैंकिंग में लगातार सुधार हुआ है. 2022-23 में शहर को 323वां, जबकि 2023-24 में 364वां स्थान मिला था. इस बार राजस्थान के 241 शहरी निकायों में अलवर 19वें स्थान पर रहा. इस श्रेणी में जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर और भीलवाड़ा जैसे प्रमुख शहर शामिल थे, जिनमें उदयपुर पहले, बीकानेर दूसरे, भीलवाड़ा तीसरे और अलवर चौथे स्थान पर रहा.
सफाई के मामले में मिला शतक: स्वच्छ सर्वेक्षण में अलवर ने आवासीय व बाजार क्षेत्रों की सफाई, जलाशयों की स्वच्छता और कचरा प्रबंधन में 100 में से 100 अंक हासिल किए. वहीं, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई में 85% और घर-घर कचरा संग्रहण में 63% अंक मिले. इसके अलावा, अलवर को ODF+ (खुले में शौच मुक्त) शहर घोषित किया गया.
दोनों मंत्रियों ने जताई खुशी: इस उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्री व अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने कहा कि अलवर को NCR का सबसे सुंदर और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में यह बड़ी सफलता है. वहीं, प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि नागरिकों और प्रशासन की मेहनत का नतीजा है कि अलवर ने स्वच्छता में नया मुकाम हासिल किया. इस सफलता से अलवरवासियों को गर्व है. यह शहर अब स्वच्छता के क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभरा है.




















