जयपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर प्रदेश में 17 सितंबर से शुरू हो रहे सेवा पखवाड़ा से पहले ही भाजपा की कार्यशालाओं को लेकर विवाद गहरा गया. प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में राज्य प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने जनप्रतिनिधियों की गैर मौजूदगी पर नाराजगी जताई. इससे हुई किरकिरी के बाद भाजपा पता लगा रही है कि गैर मौजूद सांसदों और जिला अध्यक्षों ने प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से अनुमति ली थी तो फिर प्रदेश प्रभारी को गलत रिपोर्ट किसने और क्यों दी? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ साफ कर चुके हैं कि उनसे अनुमति लेकर ही कुछ जनप्रतिनिधि कार्यशालाओं से गैर हाजिर रहे. प्रभारी को इस बारे में गलत जानकारी दी गई, जिससे उन्होंने कार्यशाला में अनुपस्थित रहने वाले जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताई.
गलत रिपोर्ट क्यों दी: सेवा पखवाड़े का संयोजक प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, सह संयोजक प्रदेश महामंत्री संतोष अहलावत और प्रदेश प्रवक्ता अपूर्वा पाठक को बनाया गया था. स्वास्थ्य खराब होने के चलते श्रवण सिंह की जगह संतोष अहलावत और अपूर्वा पाठक कार्यक्रम की व्यवस्था देख रहे थे. बताया जा रहा है कि प्रदेश से कितने सांसद, सांसद प्रत्याशी, विधायक, विधायक प्रत्याशी और जिला अध्यक्षों की सूची तैयार करने का काम व्यवस्था देखने वालों के पास था. प्रदेश सेवा पखवाड़े की कार्यशाला के दिन दिल्ली में भी कार्यशाला हुई. इस वजह से केंद्रीय मंत्री और सांसद जयपुर की कार्यशाला में नहीं आए. उन्होंने इसकी जानकारी प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ को दी. जिला अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अन्य कार्यक्रमों के चलते राठौड़ से कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की अनुमति मांगी. राठौड़ ने अनुमति दी. सवाल है कि राठौड़ से अनुमति मिलने पर सांसद एवं जनप्रतिनिधि कार्यशाला में नहीं आए तो प्रदेश प्रभारी को इससे अनभिज्ञ क्यों रखा? कार्यशाला की व्यवस्था से भी प्रदेश नेतृत्व नाराज है. अब व्यवस्था संभालने वालों से स्पष्टीकरण लेने की तैयारी है.
व्यक्तिगत रूप से अनुमति ली: प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि हमारे कार्यक्रम अच्छे से हो रहे हैं. हाल में प्रदेश स्तरीय सेवा पखवाड़े में 603 अपेक्षित संख्या थी. इसमें 562 जनप्रतिनिधि शामिल हुए. कुछ सांसद और जनप्रतिनिधि छुट्टी लेकर गए थे. सांसदों की विभिन्न कार्यशाला थी, जिसमें शामिल हुए थे. प्रदेश प्रभारी की नाराजगी की बात तो एक परिवार का मुखिया कम नंबर आने पर नाराज होता, होना भी चाहिए. वो 100 प्रतिशत अंक की उम्मीद करता है. हमने जो कार्यक्रम किया, उसमें 603 में से 562 जनप्रतिनिधि की उपस्थिति रही. मतलब 92% उपस्थिति रही, लेकिन मुखिया नाराज हुए. होना भी चाहिए.
मुझसे छुट्टी ली: मदन राठौड़ ने कहा कि संख्या कम नहीं थी. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह, अर्जुन मेघवाल, सासंद सीपी जोशी दिल्ली राष्ट्रीय कार्यशाला में थे. ओम बिरला आ नहीं सकते थे, वह स्पीकर है. ऐसे ही कई विधायक, संसद अलग-अलग कार्यक्रमों में लगे हुए थे. इस तरह से जनप्रतिनिधि भी मेरे से व्यक्तिगत रूप से अनुमति लेकर गए थे. अब अगर हमारा नेता भाषण दे रहा है और वह उन आंकड़ों का जिक्र कर रहा है तो मैं बीच में उन्हें टोक नहीं सकता कि आप जो बोल रहे हो, वह मेरे से पूछ कर गए हैं . बीच भाषण ऐसा नहीं बोल सकते क्योंकि हमारे यहां प्रावधान नहीं है. राठौड़ ने कहा कि एक बात है उनके पास जो जानकारी दी गई, उसमें इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि जो अनुपस्थित है, उन्होंने छुट्टी ली है.
ये रही अनुपस्थिति: बता दें कि प्रदेश स्तर की 11 सितंबर को कार्यशाला में पार्टी के सांसद व विधायक कम संख्या में पहुंचे. इस पर प्रदेश प्रभारी अग्रवाल नाराज हो गए. बताया जा रहा है कि इसमें 14 में से 8 सांसद, 118 में से 72 विधायक ही पहुंचे. वहीं 11 सांसद प्रत्याशियों में से 8 और 82 विधायक प्रत्याशियों में से केवल 42 पहुंचे हैं. प्रभारी ने कहा कि कार्यशाला में 6 जिलाध्यक्ष भी नहीं पहुंचे. 35 पदाधिकारियों में से 22 उपस्थित हुए. प्रभारी की नाराजगी के बाद अब पार्टी चिंता और मनन कर रही है कि आखिर प्रभारी को इस तरह से गलत आंकड़े देने के पीछे कहीं कोई राजनीतिक एजेंडा तो नहीं है. प्रदेश स्तरीय कार्यशाला प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में होती है. अगर ऐसे में गलत आंकड़े देकर कार्यक्रम में कंट्रोवर्सी खड़ी की जाती है तो प्रदेश अध्यक्ष को नीचा दिखाने की दिशा में माना जा रहा है.
सेवा पखवाड़े में कार्यक्रम: प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर सेवा पखवाड़े के तहत भाजपा जनसेवा से जुड़े स्वास्थ्य शिविर, प्रबुद्ध वर्ग संवाद, वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा, दिव्यांग सम्मान समारोह, सांसद खेलकूद तथा गांधी जयंती पर विशेष कार्यक्रम करेगी. नमो मैराथन, प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व पर संगोष्ठियां, दीनदयाल जयंती पर वृक्षारोपण, विशिष्टि व्यक्तियों का बहुमान और चित्रकला सहित विविध कार्यक्रम होंगे. आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान और जीएसटी नए संशोधन के बारे में भी जनता को जानकारी दी जाएगी. इसे प्रदेश से जिला स्तर तक सेवा पखवाड़े से पहले कार्यशाला जा रही है.




















