बाड़मेर: राजनीति और समाज में अपने प्रभावशाली नेतृत्व के लिए जाने जाने वाले कर्नल सोनाराम चौधरी का 20 अगस्त 2025 की देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया, जहां उन्होंने अचानक तबीयत खराब होने के बाद आखिरी सांस ली. उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती होने से पहले किसी मीटिंग के दौरान अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई. जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचे, जहां अस्पताल के डॉक्टर्स ने पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई.
पूर्व सांसद कर्नल के निधन की सूचना मिलने के बाद बाड़मेर संसदीय क्षेत्र के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. गुरुवार सुबह 11:30 बजे हवाई मार्ग से उनकी पार्थिव देह को उत्तरलाई एयर बेस लाया जाएगा. कर्नल सोनाराम का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मोहनगढ़ में किया जाएगा. कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने भी उनके निधन पर दुख जताया है.
राजनीतिक और सैनिक जीवन : कर्नल चौधरी एक सम्मानित पूर्व सांसद और विधायक थे. सैनिक जीवन में वे भारतीय सेना की इंजीनियर्स कोर में कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए और उन्हें विश्व सेवा पदक (VSM) सहित कई प्रशस्तियां प्राप्त थीं. कर्नल सोनाराम साल 1966 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे. इस दौरान 1971 की जंग में उन्होंने पूर्वी मोर्चे पर अपनी सेवाएं दी थी. 25 सालों तक भारतीय सेवा में सेवाएं देने के बाद उन्होंने 1994 में सेवानिवृत्ति ली और राजनीति के मैदान में उतर गए. वे चार बार लोकसभा सांसद (बाड़मेर–जैसलमेर) का पद संभाला (1996, 1998, 1999, 2014) और एक बार बायतू विधान सभा क्षेत्र से विधायक भी रहे.
एक बार विधायक और चार बार सांसद रहे : कर्नल सोनाराम 1996, 1998, 1999 और 2014 में जैसलमेर-बाड़मेर से लोकसभा के सांसद रहे हैं तो वहीं साल 2008 से 2013 तक बायतु से कांग्रेस के विधायक भी रहे हैं.
निधन पर शोक की लहर : कर्नल सोनाराम के निधन से पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बालोतरा समेत अन्य इलाकों में गहरा शोक छा गया है. राजनीति जगत और जनता दोनों उनके निधन की खबर से स्तब्ध हैं. कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. चौधरी को कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टीयों में अलग-अलग समय पर सम्मान मिला. उन्होंने कांग्रेस से अपनी राजनीतिक पारी का आगाज किया और एक संसदीय कार्यकाल के दौरान भाजपा के साथ रहने के बाद फिर वह कांग्रेस में लौट आए. साल 2014 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी. 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बाड़मेर की गुड़ामालानी सीट से इलेक्शन लड़ा था, जहां मौजूदा राज्य मंत्री केके बिश्नोई से उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा.
कैलाश चौधरी ने जताया दुख : वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने सोनाराम के निधन पर दुख जाताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद, कर्नल सोनाराम जी चौधरी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. कर्नल सोनाराम जी ने भारतीय सेना में अपनी विशिष्ट सेवाओं और 1971 के युद्ध में योगदान के साथ-साथ राजनीति में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी.’
गहलोत ने व्यक्त की संवेदना : पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कर्नल सोनाराम के निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बाड़मेर-जैसलमेर के पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. करीब 25 साल तक सेना एवं इसके बाद राजनीति तथा समाजसेवा में आपने बड़ा योगदान दिया. हम साथ में सांसद एवं विधायक भी रहे. ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति तथा परिजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य एवं संबल देने की प्रार्थना करता हूं. ॐ शांति.
बेनीवाल ने भी शोक व्यक्त किया : राजस्थान से नागौर सांसद और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने एक्स पर सोनाराम के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि बाड़मेर-जैसलमेर के पूर्व सांसद और बायतु के पूर्व विधायक कर्नल सोनाराम जी चौधरी का देवलोकगमन हो जाना अत्यंत पीड़ादायक खबर है. कर्नल साहब से सदैव आत्मीय संबंध रहे. उनका निधन हो जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति भी है.
कर्नल साहब ने अपने सार्वजनिक जीवन में प्रखर वक्ता व लोकप्रिय जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए राजस्थान की राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ी. उनकी कमी सदैव महसूस होती रहेगी. ईश्वर से प्रार्थना है कि वो दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके परिजनों को इस गहरे आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करे.
सोनाराम के निधन पर जूली ने जताया दुख : वहीं, बाड़मेर-जैसलमेर से चार बार सांसद रहे कर्नल सोनाराम के निधन पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दुख जताया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद, वरिष्ठ नेता कर्नल सोनाराम जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. कर्नल साहब का सम्पूर्ण जीवन समाज के हर वर्ग के उत्थान, जनसेवा के प्रति समर्पित रहा. उनका जाना हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है. ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिजनों को यह असहनीय दु:ख सहन करने की शक्ति दें.




















