कोटा: जेईई एडवांस्ड एक्जाम 2025 आयोजन को लेकर जॉइंट इंप्लीमेंटेशन कमिटी की रिपोर्ट जारी हो गई है. इस रिपोर्ट में दिए गए एनालिसिस के अनुसार देश की 9 आईआईटी को 2000 रैंक तक किसी भी कैंडिडेट ने नहीं चुना है. जबकि 339 कैंडिडेट ने आईआईटी में ही एडमिशन नहीं लिया है.
टॉपर्स कैंडिडेट की बात की जाए तो पहली प्राथमिकता के रूप में आईआईटी बॉम्बे रही है. दूसरी प्राथमिकता आईआईटी दिल्ली और तीसरी प्राथमिकता मद्रास रही है. इनमें टॉपर्स 100 कैंडिडेट में से बॉम्बे में 73, दिल्ली में 19 और मद्रास में 6 कैंडिडेट ने प्रवेश लिया है.
एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के मुताबिक देश की टॉप 2000 कैंडिडेट्स की बात की जाए तो उन्होंने देश की धनबाद, जोधपुर, मंडी, भुवनेश्वर, जम्मू, गोवा, भिलाई, पलक्कड़ और धरवाड़ में प्रवेश नहीं लिया है. जबकि इससे ऊपर बात की जाए तो टॉप 1000 रैंक तक कैंडिडेट ने 12 आईआईटी को नहीं चुना है. इनमें ऊपर दी गई 9 आईआईटी के साथ रोपड़, पटना और तिरुपति को भी किसी भी कैंडिडेट ने नहीं चुना है.
इसके भी ऊपर के टॉपर्स की बात की जाए तो टॉप 500 कैंडिडेट्स ने केवल 16 आईआईटी में एडमिशन को नकार दिया है. इनमें ऊपर दी गई 12 आईआईटी के साथ-साथ गुवाहाटी, बीएचयू वाराणसी, इंदौर और गांधीनगर शामिल है. टॉप 200 कैंडीडेट्स 19 आईआईटी में एडमिशन लेना मुनासिब नहीं समझा है. उन्होंने ऊपर दी गई 16 के साथ खड़कपुर रुड़की हैदराबाद में भी एडमिशन नहीं लिया है. इसी तरह से टॉप 100 कैंडिडेट ने केवल 20 आईआईटी को नकार दिया है. इसमें ऊपर दी गई 19 के साथ-साथ आईआईटी कानपुर भी शामिल है.
टॉप 339 कैंडिडेट ने नहीं लिया आईआईटी में एडमिशन : आईआईटी में एडमिशन सपना होता है, लेकिन टॉप 5000 में 339 कैंडिडेट ने आईआईटी में एडमिशन नहीं लिया है. एक्सपर्ट देव शर्मा के मुताबिक इनमें कई कैंडिडेट ऐसे हैं, जिन्होंने विदेशी संस्थानों या रिसर्च इंस्टीट्यूट को आईआईटी से बेहतर मानते हुए चुना है. इनमें टॉप 500 रैंक में आने वाले कुछ कैंडिडेट को विदेशी संस्थानों में प्रवेश लिया है, जहां से उन्हें स्कॉलरशिप भी मिल जाती है. इसके टॉप 5 हजार में कुछ कैंडिडेट मनमाफिक आईआईटी या कंप्यूटर साइंस ब्रांच की सीट नहीं मिलने के चलते दोबारा भी चांस ले रहे होते हैं. आईआईटी में प्रवेश नहीं लेने वाले टॉपर्स में टॉप 100 में दो, 200 में चार, 500 में सोलह, एक हजार में 42 व दो हजार में 79 है.
टॉप 1000 में 47 फीसदी ने चुनी बॉम्बे और दिल्ली : टॉप आईआईटी की बात की जाए तो 1000 कैंडिडेट्स में से 958 में आईआईटी में प्रवेश लिया है. जिनमें से 47 फीसदी पर बॉम्बे और दिल्ली चुनी है. बॉम्बे को 252 और दिल्ली को 196 कैंडिडेट ने चुना है. टॉप 500 में इन्हें 60 फीसदी कैंडिडेट की पसंद रहे है. टॉप 200 में 76 और टॉप 100 में 94 फीसदी ने इन्हें चुना है.
जॉब प्लेसमेंट व अच्छा करियर ऑप्शन : देव शर्मा के मुताबिक टॉप आईआईटी को छोड़कर नई व निचली आईआईटी में जॉब प्लेसमेंट के लिए ज्यादा आती है. यहां पर जॉब ऑफर करने वाली कंपनियां भी कम पहुंचती हैं. यहां पर होने वाले प्लेसमेंट के पैकेज भी कम रहते हैं. दूसरी तरफ टॉप आईआईटी में पढ़ने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए विदेश की यूनिवर्सिटी और संस्थान ज्यादा रिकॉग्नाइज करते हैं. इन संस्थानों में पढ़ रहे कैंडिडेट को बाहर अच्छे ऑफर्स भी मिल जाते हैं.
पढ़ाई के साथ-साथ रिसर्च और अच्छी कंपनियों में बड़ा पैकेज भी इन्हें मिल जाता है. यहां तक कि मल्टीनेशनल कंपनियां और आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियां भी इन्हें तुरंत ले लेती हैं. बड़ी आईआईटी के स्टार्टअप भी ज्यादा सफल रहते हैं. यहां पर स्टार्टअप्स की संख्या भी ज्यादा रहती है. वहां पर अच्छी खासी फंडिंग भी कई जगह से मिल जाती है, जिससे करियर बनाने में मदद करती है. निचली आईआईटी की कैंडिडेट्स स्टार्टअप के लिए फंडिंग में भी दिक्कत होती है.
कोचिंग हब कोटा की वजह से दिल्ली जोन टॉपर : देव शर्मा ने बताया कि जेआईसी की रिपोर्ट के मुताबिक जेईई एडवांस्ड से 54378 कैंडिडेट काउंसलिंग के लिए क्वालीफाई हुए थे. इनमें से 33.45 यानी 18188 को आईआईटी की सीट मिल गई है. सात जोन के अनुसार बात की जाए दिल्ली टॉपर रहा है. यहां सफलता का प्रतिशत 36.78 फीसदी है. जबकि इसके बाद बॉम्बे जोन 34.07 और तीसरे नंबर पर हैदराबाद 33.7 है. इसके बाद रुड़की, खड़गपुर, कानपुर व गुवाहाटी है. देव शर्मा का कहना है कि कोटा कोचिंग हब में बड़ी संख्या में बच्चे सफल रहते हैं, इसी से दिल्ली जोन हमेशा की तरह इस बार भी टॉपर रहा है.
किस IIT को कितनी दी प्राथमिकता :
- टॉप 100 रैंकर्स में 73 कैंडिडेट ने आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली ने 19 और केवल 6 ने मद्रास.
- टॉप 200 रैंकर्स में से 105 कैंडिडेट ने बॉम्बे, 44 ने दिल्ली, 35 ने मद्रास, 12 में कानपुर.
- टॉप 500 रैंक तक के कैंडिडेट में 183 कैंडिडेट ने बॉम्बे, 114 ने दिल्ली, 77 ने मद्रास, 40 ने कानपुर, 47 ने खड़गपुर, 19 ने रूड़की, 19 ने गुवाहाटी, 4 ने हैदराबाद.
- टॉप 1000 रैंकर्स में 252 ने बॉम्बे, 196 दिल्ली, 152 मद्रास, 124 कानपूर, 85 खड़गपुर, 48 गुवाहाटी, 50 रूड़की, 42 हैदराबाद, 7 ने बीएचयू, 1 इंदौर व 1 ने गांधीनगर.
- टॉप 2000 रैंकर्स में 414 ने बॉम्बे, 303 दिल्ली, 224 मद्रास, 184 कानपूर, 225 खड़गपुर, 145 गुवाहाटी, 178 रूड़की, 111 हैदराबाद, 81 ने बीएचयू, 31 इंदौर, 17 ने गांधीनगर, 6 ने रोपड़, 1-1 ने पटना व तिरुपति.
- टॉप 5000 रैंकर्स में 755 ने बॉम्बे, 577 दिल्ली, 478 मद्रास, 448 कानपूर, 517 खड़गपुर, 305 गुवाहाटी, 429 रूड़की, 222 हैदराबाद, 258 ने बीएचयू, 109 इंदौर, 87 ने गांधीनगर, 120 ने रोपड़, 75 ने पटना, 90 ने धनबाद, 63 ने जोधपुर, 60 ने मंडी, 43 ने भुवनेश्वर, 14 ने तिरुपति, 4 ने जम्मू, 3 ने गोवा, 2 ने भिलाई, 1-1 ने पलक्कड व धारवाड़.




















