जयपुर. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रामजल सेतु लिंक परियोजना को भाजपा का चुनावी जुमला बताते हुए प्रदेश की डबल इंजन सरकार पर बडा हमला बोला है. जूली ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार की ओर से ईआरसीपी का बार-बार नाम बदलने से प्रदेश का भला होने वाला नहीं है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और वे सार्वजनिक मंच से झूठ बोलते हैं कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने ईआरसीपी को अटकाने का काम किया, जबकि सच्चाई तो यह है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने प्रदेश की जनता के साथ अन्याय किया और इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अपने राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए अटकाने, लटकाने और भटकाने का काम किया. जूली ने भाजपा सरकार से सवाल किया है कि क्या राजस्थाान के प्यासे नागरिकों और अन्नदाता किसानों के हित के लिए इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए?
केवल हवाई सर्वे कर रही है सरकार : नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि ईआरसीपी योजना के तहत नवनेरा बांध का निर्माण तो कांग्रेस सरकार के समय में ही पूरा हो गया था, वर्तमान भाजपा सरकार तो पौने दो साल तक केवल हवाई निरीक्षण में ही लगी रही. जूली ने वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जहां एक ओर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रामजल सेतु लिंक परियोजना को लेकर स्वयंभू भगीरथ बने हुए हैं और पूर्वी राजस्थान में जगह-जगह अपना स्वागत करवा रहे हैं, वहीं पूर्वी राजस्थान से आने वाले वन राज्यमंत्री संजय शर्मा कह रहे हैं कि यह योजना 2039 से पहले धरातल पर नहीं आ सकती, ऐसे में कैसा डबल इंजन, प्रदेश के मुखिया और मंत्री, दोनों ही अलग-अलग दिशाओं में इंजन को खींच रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार से ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का आग्रह किया था, लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार ने विधानसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के लिए इसे अटकाए रखा.
जूली ने कहा कि ईआरसीपी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 वर्ष पूर्व अजमेर में और इसके पश्चात् जयपुर में इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने का खोखला वायदा किया था और अब वर्तमान भाजपा सरकार उससे आगे बढ़कर जनता को भ्रम में रखकर राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने तो इसे अटकाने, लटकाने व भटकाने का ही कार्य किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को चेताया कि आप इस पर राजनीति करना बंद करें. आप बार-बार दिल्ली जाते हैं, तो इस परियोजना के लिये धन की भी व्यवस्था करें, नहीं तो समय आने पर जनता आपका भ्रम दूर कर देगी.
जूली ने कहा कि बार-बार इसका नाम बदलने से प्रदेश का भला होने वाला नहीं है. ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किए जाने पर ही राजस्थान को इस परियोजना का व्यापक लाभ प्राप्त हो सकेगा, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार इसके महत्व को नहीं समझ रही है या फिर मुख्यमंत्री केन्द्र सरकार के दबाव में हैं.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का शुरू से स्पष्ट मत है कि देश में जो अन्य सोलह नदी जल राष्ट्रीय परियोजना चल रही हैं, उसी श्रेणी में इसे शामिल करने से कम दर्जे की कोई भी घोषणा राजस्थान के हितों के अनुकूल नहीं है, लेकिन केन्द्र सरकार इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने से कतरा रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस पर झूंठा आरोप लगाने के बजाय ईआरसीपी इसके बाद ईआरसीपी- पीकेसी और अब रामजल सेतु लिंक परियोजना को यदि राष्ट्रीय परियोजना घोषित करें, ताकि प्रदेश का अधिक भला हो सके.




















