जोधपुर : जिले के एक सरकारी स्कूल की छात्रा से दुष्कर्म करने के आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है. घटना 25 अगस्त की बताई जा रही है. हालांकि, अभी पुलिस में मामला दर्ज नहीं हुआ है. दोनों पक्षों में सुलह होने की बात सामने आ रही है. शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद विभागीय कार्रवाई हुई है. जांच रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक ने भी पूरी घटना को स्वीकारा है. विभाग ने आरोपी शिक्षक को निलंबित भी कर दिया. पूरी घटना की सारी बातें शिक्षा विभाग ने अपने रिकॉर्ड में ली हैं.
सीबीईओ शंभूसिंह जोधा ने बताया कि शिक्षक को निलंबित किया गया है. विभाग प्रयास कर रहा है ताकि पुलिस में भी मामला दर्ज हो. स्कूल में मामला सामने आने पर अधिकारियों ने ही अपने स्तर पर इसकी छानबीन की और घटना बाद में सही पाई गई है. सीबीईओ चामू, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय ने मामले की जांच कर रिपोर्ट दी है. इसके बाद अध्यापक को एपीओ किया गया था. डीईओ प्रारंभिक मुख्यालय कमलेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार को उसे निलंबित कर दिया.
छात्रा को रूम पर बुलाया, फिर छोड़ा : आरोपी शिक्षक ने 25 अगस्त की रात 1-2 बजे छात्रा को अपने रूम पर बुलाया. उसे झांसा दिया कि हम सिर्फ बातें करेंगे. इस बीच छात्रा को फुसलाने की कोशिश की. छात्रा ने इनकार कर दिया. इस पर शिक्षक ने उसे शादी का झांसा दिया. बातों में उलझाकर उसने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया. छात्रा ने रात 3 बजे उसे घर छोड़ने को कहा, जिसपर शिक्षक ने उसे घर भी छोड़ा.
छात्रा ने शेयर की बात तो स्कूल में फैली : बताया जा रहा है कि इस घटना के कुछ दिन बाद छात्रा ने किसी दोस्त से ये बात शेयर की, जिसके बाद यह धीरे-धीरे स्कूल में फैल गई. परिजनों ने भी पूछा तो पूरी बात सामने आई. इसके बाद आरोपी शिक्षक को लेकर वार्ता हुई, जिसमें शिक्षक ने घटना स्वीकार की. पीड़ित पक्ष ने इसको लेकर मंगलवार तक मामला दर्ज नहीं करवाया है. शिक्षा विभाग ने भी अपनी तरफ से पुलिस को सूचित नहीं किया है.
प्रधानाध्यापक ने सूचित किया विभाग को : बताया जा रहा है कि इस घटना की जानकारी स्कूल में पता चलने के बाद प्रधानाध्यापक ने अपने स्तर पर एक पड़ताल की. इसके बाद विभाग की उच्च अधिकारियों को सूचित किया. विभाग ने एक टीम गठित कर इसकी जांच करवाई, जिसमें पीड़िता के भी बयान लिए गए. इसके आधार पर आरोपी शिक्षक को निलंबित किया गया, लेकिन विभाग की ओर से पुलिस को सूचित नहीं किया गया. इसको लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कमलेश त्रिपाठी ने सम्पर्क करना चाहा, लेकिन वो उपलब्ध नहीं हैं.




















