चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को रात 9:58 मिनट पर शुरू हो जाएगा
चंद्र ग्रहण का समापन देर रात 1:26 मिनट पर होगा ज्योतिष के अनुसार यह ब्लड मून होगा ग्रहण के दौरान सूतक काल लागू होगा, जिसमें मूर्ति स्पर्श और शुभ कार्य वर्जित हैं।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, चंद्र ग्रहण तब लगता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच आकर पृथ्वी सूर्य की रोशनी को चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है।
चंद्र ग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण 7 सितंबर, रविवार को रात 9 बजकर 58 मिनट पर लगेगा और इसका समापन 8 सितंबर की रात 1 बजकर 26 मिनट पर होगा 7 सितंबर को दिखने वाला चंद्र ग्रहण एकदम लाल दिखेगा।
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कहां कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण
साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा भारत के अलावा चंद्र ग्रहण को एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, फिजी और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।
चंद्र ग्रहण का सूतक काल
चंद्र ग्रहण के शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल का प्रभाव भी यहां लागू होगा इस दौरान पूजा-पाठ और अन्य शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है आगामी चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर को 12:57 बजे शुरू हो जाएगा।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें
1. चंद्र ग्रहण के दौरान क्रोध न करें, क्रोध करने से अगले 15 दिन आपके लिए खतरनाक हो सकते हैं।
2. चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन ग्रहण न करें साथ ही पूजा पाठ करना भी वर्जित है।
3. चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी सुनसान जगह या श्मशान भूमि के पास नहीं जाना चाहिए इस दौरान नकारात्मक शक्तियां काफी ज्यादा हावी रहती हैं।
4. चंद्र ग्रहण के दौरान व्यक्ति को किसी भी नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा अधिक रहती है।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें
1. चंद्र ग्रहण के दौरान सिर्फ भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए, जो कि दस गुना फलदायी होता है।
2. चंद्र ग्रहण के बाद शुद्ध जल से स्नान करके, गरीबों का दान देना चाहिए।
3. चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर को शुद्ध करना चाहिए ऐसा करने से घर की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती है।
4. ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्र दान देने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।




















