बाड़मेर : चौहटन थाने में भूखंड विवाद में परिवार से मारपीट के मामले में पीड़ित परिवार के साथ समाज के लोग मंगलवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पहुंचे. यहां उन्होंने मौन जुलूस निकालकर कलेक्टर कार्यालय के आगे धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान पीड़ित परिवार के साथ पूर्व सभापति लूणकरण बोथरा एवं उषा जैन समेत बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे. पीड़ित परिवार के लोगों ने बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी को ज्ञापन देकर दोषी पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.
पीड़ित परिवार के लोगों ने जिला कलेक्टर टीना डाबी को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी पीड़ा को बयां किया. इस दौरान थाने में हुए जुल्म को बयां करते हुए युवती जिला कलेक्टर के सामने फफक-फफककर रो पड़ी. उसने पुलिस पर आरोप लगाया कि थाने में उसके साथ पुलिस बेहरमी से पिटाई की. पीड़िता ने यहां तक कहा कि एक बार तो लगा था कि इस थाने से हम जिंदा नहीं जा पाएंगे. जिला कलेक्टर टीना डाबी ने पीड़ित परिवार की धैर्य पूर्वक बात सुनते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया.
पीड़ित गौतम सेठिया ने बताया कि 12 सितंबर को उनका पड़ोसी मकान पर दीवार बना रहा था. इस बात को लेकर विवाद हुआ था. इस पर अपने परिवार के सदस्यों के साथ चौहटन थाने में शिकायत दर्ज करने गया था, लेकिन थाना अधिकारी ने अशोभनीय व्यवहार करते हुए मारपीट की. पुलिस की ओर से अब तक हमारा मेडिकल नहीं करवाया गया है. दोषी थानाधिकारी पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है. जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवार ने उनका मेडिकल करवाने और चौहटन थाना अधिकारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके निलंबन करने की मांग की.
पुलिस का ये है कहना : चौहटन थानाधिकारी राजूराम का कहना कि मकान निर्माण का काम चल रहा था. इस दौरान दोनों पक्ष आपस में झगड़ कर वापस थाने आए थे. रिपोर्ट देने के लिए कहा तो हम पर ही आरोप लगाए. दोनों पक्ष थाने में झगड़ा करने लगे. एक पक्ष ने कहा कि हमारे साथ मारपीट हुई है, हमारी कार्रवाई करो. इसपर पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट लिखवा दे. इसपर हम कार्रवाई करेंगे, लेकिन वो दूसरे पक्ष को मारने के लिए दौड़े और आत्महत्या करने की धमकियां देने लगे. तब हमने शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने को डिटेन किया था.




















