जयपुर: पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 महानगर प्रथम ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले 19 वर्षीय अभियुक्त को 20 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने अपराध के लिए कमरा मुहैया कराने वाले साथी 20 वर्षीय अभियुक्त को 10 साल की सजा दी है. अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर कुल 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया लगाया है. पीठासीन अधिकारी मीना अवस्थी ने अभियुक्त ने नाबालिग को न केवल शारीरिक और भावनात्मक क्षति पहुंचाई, बल्कि उसकी गरिमा को आहत करने वाला ऐसा अपराध किया है, जिसकी कटु स्मृति उसे जीवनभर रहेगी. ऐसे में अभियुक्तों के प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता.
अभियोजन पक्ष की ओर से एसएस राजावत ने अदालत को बताया कि पीडिता की मां ने 31 अगस्त, 2024 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. रिपोर्ट में कहा गया कि उसकी 17 साल की बेटी निजी कॉलेज में पढ़ती है. अपनी पढ़ाई के लिए किराए पर कमरा लेकर रहती है. आरोपी उसे पहले बहला-फुसलाकर प्रतापनगर के एक फ्लैट में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म कर अश्लील वीडियो बना लिया. इसके साथ ही वह उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा है.
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया. साक्ष्य के आधार पर अदालत ने आरोपी के साथी को अलग से तलब किया. सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अदालत को बताया कि वह अप्रैल, 2024 से आरोपी से सोशल मीडिया पर बात करती थी. इसके बाद वह पढ़ाई के लिए जयपुर आ गई. आरोपी ने उसके वीडियो चैट के कुछ स्क्रीनशॉट और बाद में मिलकर साधारण फोटो लेकर उसे परिजनों को नहीं दिखाने की एवज में एकांत में मिलने बुलाया. इस पर वह उससे मिलने चली गई.
इस दौरान आरोपी उसे एक बिल्डिंग में ले गया, जहां उसके साथी ने बिल्डिंग में एंट्री कराई और उन दोनों को एक खाली फ्लैट में छोड़कर चला गया. यहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो भी बना लिया. घटना के बाद उसने नाबालिग ने आरोपी का फोन उठाना बंद कर दिया तो वह उसके कमरे पर आकर धमकाने लगा. इस पर उसने अपनी मां को घटना की जानकारी दी. अदालत ने प्रकरण की सुनवाई के बाद आरोपी कुलदीप और उसके साथी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है.




















