जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन बुधवार को भाजपा देश भर में सेवा पखवाड़े के रूप में मना रही है. राजस्थान भाजपा और सरकार 17 सितंबर से 2 अक्टूबर सेवा पखवाड़े में जन सेवा के कार्य करेगी. पीएम मोदी के जन्मदिन पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने ईटीवी भारत से खास बातचीत की. राठौड़ ने मोदी के साथ अपने सामाजिक और राजनीतिक अनुभव साझा किए. राठौड़ कहते हैं, पीएम मोदी टेक्नोलॉजी में बहुत आगे हैं. हमेशा अपडेट रहते हैं. उनके पास हर वो जानकारी रहती है, जो सामान्य तौर पर किसी को पता नहीं होती. उनकी एक आंख में प्रेम व दूसरी में क्रोध है, जो आपको अनुशासन और जिम्मेदारी सिखाता है. मोदी के पास उधार का काम नहीं, वो रोकड़ में काम करते हैं.
सरदार के वेश में मिले : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने साल 1976 में मोदी से मुलाकात का जिक्र किया. बताया कि कैसे वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के नाते अस्थायी रूप से मारवाड़ में कैंप लगाते थे. एक कैंप में मोदी से मुलाकात हुई, जब वे सरदार के वेश में पहुंचे. राठौड़ को भनक भी नहीं लगी कि मोदी सरदार के रूप में आए हैं. बाद में उनकी तस्वीरें सार्वजनिक हुई और बातें सामने आई कि मोदी तब सरदार के वेश में घूमते थे, तब पता लगा. वो पहली मुलाकात थी. उसके बाद लालकृष्ण आडवाणी की यात्रा के समय मिलना हुआ. मोदी यात्रा के इंचार्ज थे. वे तब भी टेक्निकली साउंड थे. लोग मोबाइल के बारे में जानते नहीं थे, तब उनके पास डंडी वाला वायरलेस की तरह फोन था. इससे वे एडवांस व्यवस्थाएं देख रहे थे.
राठौड़ ने बताया कि तीसरी बार सीधी मुलाकात तब हुई, जब मोदी संगठन महामंत्री बने व पाली से कुछ व्यापारियों के साथ दिल्ली मिलने गया. उन्होंने पूछा कि चाय पियोगे? चुलबुले पुष्पराज भंडारी ने कहा कि हां साहब पिएंगे. तब कर्मचारी नहीं था तो मोदी उठे और पैंट्री में खुद चाय बनाने लगे. ‘मैं भागकर गया कि आप रहने दीजिए, मैं बनाता हूं. मोदी ने कहा, मैं चाय वाला हूं और मैं ही चाय पिलाऊंगा’. उसके बाद सामाजिक के साथ राजनीतिक कार्यक्रमों में मिलना होता रहा.
अवसर के लिए भटकना नहीं पड़े: राठौड़ ने कहा कि मोदी शुरू से तेजस्वी हैं. फालना ( पाली) में हमारे समाज के छात्रावास के उद्घाटन में ओमप्रकाश माथुर इनको लाए. तब उन्होंने कहा कि अपनी हैसियत इतनी बनाओ कि अवसर के लिए भटकना नहीं पड़े. जब महामंत्री थे तो संगठन की चिंता की. गुजरात के मुख्यमंत्री बने तो हिंदुस्तान में गुजरात मॉडल प्रसिद्ध हो गया. प्रधानमंत्री बने तो देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाए. आज आयात से ज्यादा निर्यातक देश हैं. मोदी की कार्यशैली और व्यक्तित्व का परिणाम है कि 40 से ज्यादा देशों ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान दिया.
एक आंख में प्रेम, दूसरी में क्रोध: प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि संगठन को मजबूत करना मोदी से बेहतर कोई नहीं सीखा सकता. समन्वय बढ़ाना एवं सबको साथ लेकर चलना उन्हें बेहतर आता है. हमें डांटे भी हैं, जब उन्हें लगता है कि हम लापरवाही कर रहे हैं. जिम्मेदारी पूरी नहीं करने पर नाराजगी जताई है. उनसे कुछ भी छुपा नहीं रह सकता. ऐसा लगता है कि सब जगह कैमरे लगे हैं, उनकी एक आंख में प्यार तो दूसरी में क्रोध है. डिसिप्लिन मेंटेन करना और करवाना जानते हैं. कई बार डांट पड़ी तो कई बार शाबाशी भी मिली. उनके पास उधार का काम नहीं है. सब रोकड़ का काम है. गलती की तो डांट और अच्छा किया तो एप्रिसिएशन मिलता है.




















