महिलाओं को मिले कानून अधिकार का कई बार किस तरह गलत इस्तेमाल होता है। इससे जुड़ा हैरान करने वाला मामला राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आया है। यहां एक महिला ने युवक पर रेप का आरोप लगाया। इसके बादउसके साथ गुड़गांव घूमने गई और डेबिट कार्ड से शॉपिंग तक की।
जयपुर : दुष्कर्म के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिलती है। आरोपी को कई दिनों तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ता है लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने रेप के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी अग्रिम जमानत का लाभ दिया है। जमानत महत्वपूर्ण तथ्यों के आधार पर दी गई। आरोपी के वकील ने कोर्ट में यह साबित करने में कामयाब रहे कि पीड़िता ने आरोपी को ब्लैकमेल करने के लिए मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित युवती रेप की घटना के बाद भी एक वीडियो में आरोपी के साथ खुश नजर आई। इससे साफ जाहिर होता है कि रेप का आरोप लगाकर उसे फंसाया जा रहा है। आरोपी के वकील की इस दलील पर कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी।
रेप के बाद आरोपी के साथ गुड़गांव घूमने गई, शॉपिंग भी की
आरोपी के वकील भरत यादव ने कोर्ट में कहा कि पीड़ित युवती ने घटना के 22 दिन बाद रेप का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज कराने से पहले और घटना के बाद वह आरोपी युवक के साथ गुड़गांव घूमने गई थी। आरोपी के डेबिट कार्ड से उसने शॉपिंग भी की। दोनों का एक वीडियो भी सामने आया जिसमें दोनों खुश नजर आ रहे हैं। भरत यादव का कहना है कि रेप का आरोप लगाने के बाद घूमने के दौरान युवती खुश नजर आ रही है। इससे यह जाहिर होता है कि उसने रेप का झूठा आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया है ताकि उसे ब्लेकमेल कर सके।
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पीड़िता ने मेडिकल भी नहीं कराया
मामले की सुनवाई के दौरान तमाम तथ्य कोर्ट में समक्ष रखे गए। बताया गया कि रेप का मुकदमा दर्ज कराने के बाद पीड़ित युवती ने घटना के दिन के कपड़े पुलिस को नहीं दिए। ना ही मेडिकल जांच कराई। घटना के बाद पीड़िता अपने पति और आरोपी के साथ एक शादी समारोह में शामिल हुई जहां वे सहज भाव से मिले और बातें भी की। आरोपी के वकील का कहना था कि अगर दुष्कर्म हुआ होता तो पीड़ित युवती घटना के बाद अपने पति के साथ आरोपी से सहज भाव से नहीं मिलती। जस्टिस शुभा मेहता ने तमाम बिंदुओं को बारीकी से सुनने के बाद यह कहते हुए आरोपी को अग्रिम जमानत दी कि आरोपी जांच में शामिल हुआ और उसका मेडिकल भी हो गया। अब उसे कस्टडी में रखने की आवश्यकता नजर नहीं आती है।
बंदूक की नोंक पर रेप का आरोप लगाया
पीड़िता ने जब आरोपी के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया। तब उसने बताया कि 29 और 30 जून 2024 के बीच की रात को आरोपी ने बंदूक की नोक पर जबरन रेप किया था। जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया। उधर आरोपी के वकील का कहना है कि जिस दिन की घटना बताई जा रही है। उस दिन आरोपी घटना स्थल से 50 किलोमीटर दूर था। वह अपनी कार से एक टोल से निकलता हुआ दिखाई भी दे रहा है। ऐसे में पीड़िता के आरोप सही नहीं है। सरकारी वकील ने भी जमानत का विरोध किया लेकिन हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत स्वीकार कर ली।




















